डायबिटीज का ये है असली कारण! सिर्फ मीठा खाने से नहीं बढ़ता शुगर लेवल, इन चीजों से करें कंट्रोल, वरना…

Diabetes Real Cause: आजकल खराब दिनचर्या और अनहेल्दी लाइफस्टाइल शरीर को कई बीमारियों से ग्रस्त कर सकती है. कम उम्र में ही लोग गंभीर बीमारियों का शिकार होने लगते हैं और कुछ बच्चे जन्म से ही बीमारियों से घिरे पैदा होते हैं. खराब जीवनशैली की वजह से उपजी ऐसी ही एक बीमारी है-डायबिटजी, जो शरीर को अंदर से खोखला और बीमार बना देती है. मधुमेह के बारे में लोगों को इतनी ही जानकारी है कि मीठा से परहेज करो और उम्रभर दवाइयां खाते रहो, लेकिन ऐसा नहीं है, तो चलिए आज पहले डायबिटीज को समझते हैं और देसी तरीकों से बीमारी को नियंत्रित करने के उपाय भी जानते हैं.

शुगर लेवल कैसे बढ़ता है?

जब शरीर में बनने वाला हॉर्मोन इंसुलिन का शरीर अच्छे से उपयोग नहीं कर पाता है तो ग्लूकोज रक्त में जमा होने लगता है. इंसुलिन बनाने का काम पैंक्रियाज करता है. पैंक्रियाज में किसी तरह की भी गड़बड़ी शरीर में बनने वाले इंसुलिन को प्रभावित करती है.

डायबिटीज के शुरुआती लक्षण?

इंसुलिन के प्रभावित होते ही शरीर में शर्करा यानी ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने लगती है और मरीज थकान से पीड़ित हो जाता है. उसका वजन गिरने लगता है, बार-बार पेशाब आने लगता है, पैरों में झुनझुनी होती है, आंखें कमजोर हो जाती हैं और किडनी और दिमाग पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है.

मधुमेह का मुख्य कारण?

आयुर्वेद में मधुमेह को वात, कफ और मेद दोष का विकार माना गया है और यह शरीर को धीरे-धीरे कमजोर करता है. इस बीमारी के होने के कई कारण बताए गए हैं, जैसे ज्यादा वसा और कार्बोहाइड्रेट युक्त खाना खाना, ज्यादा तनाव लेना, नींद कम आना, शारीरिक क्रिया का कम होना और मीठे का अधिक सेवन कम करना.

शुगर लेवल कंट्रोल करने के आयुर्वेद उपाय

– शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए रोगी मेथी दाना को भिगोकर सुबह पानी पी सकता है. ताजा करेले और जामुन की गुठली से बना जूस भी मधुमेह में लाभकारी होता है. साबुत धनिया के बीज का पानी भी शुगर को कंट्रोल करने में मदद करता है और रात को त्रिफला चूर्ण का सेवन भी राहत देता है.

– इसके अलावा, रोजाना कम से कम 30 मिनट तक पैदल चलें और हल्का व्यायाम भी करें. आहार में हरी सब्जियां, दालें और फलों का सेवन ज्यादा करें. चाय और कॉफी से दूरी बना लें और रात में हल्दी वाला दूध भी राहत देगा. इन सभी परिवर्तनों के साथ दवा लेना न छोड़ें. डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही दवा कम करें.

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