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Success Story: कभी 176 किलो वजन के आदर्श सूर्यवंशी हंसी का पात्र थे, लेकिन फिटनेस को लेकर चढ़े शौक ने उनको मिस्टर इंडिया बना दिया. महज 1 साल की कड़ी मेहनत से 100 किलो वजन कम कर लिया. अब वह प्रोफेशनल एथलीट भी इसी में बन गए हैं.
Sagar News: फिटनेस के जुनून ने सागर में एक युवक के जीवन की दशा और दिशा बदल दी. कभी 176 किलो वजन के आदर्श सूर्यवंशी लोगों की हंसी का पात्र बनते थे, लेकिन महज 1 साल की कड़ी मेहनत से अपना 100 किलो कम कर लिया. अब वह प्रोफेशनल एथलीट भी हैं. इसी साल दिसंबर में अमेरिकन काउंसिल द्वारा आयोजित फिटनेस नेचुरल बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता जीतकर मिस्टर इंडिया का खिताब अपने नाम किया. इतना ही नहीं, आदर्श ने जब फिटनेस पर काम शुरू किया, तब यूपीएससी की तैयारी को भी छोड़ दिया. अब इसी से कमाई कर मां-बाप का नाम रोशन कर रहे हैं.
अब मास्टर ट्रेनर का काम
25 वर्षीय आदर्श बताते हैं, ‘बचपन से ही वह मोटे थे. वजन कम करने के लिए खूब स्पोर्ट एक्टिविटी में हिस्सा लिया. सबसे ज्यादा फुटबॉल खेला. लेकिन, वजन कम नहीं हो रहा था. फिर जिम ज्वॉइन किया. एक प्रॉपर शेड्यूल तय किया. वजन कम करने के लिए रनिंग की’. आदर्श के मुताबिक, उन्होंने 1 साल तक रोजाना 20-25 km रनिंग की. तेल-मसाला, मीठा खाना छोड़ दिया. घर का सिर्फ साधारण खाना खाते थे. 40-50 मिनट रोज जिम में वर्कआउट करते थे. इस तरह से उनके करीब 100 किलो वजन तो काम हुआ ही, उनकी नेचुरल बॉडीबिल्डिंग डेवलप हो गई. इसके बाद उन्होंने अमेरिकन काउंसिल द्वारा होने वाला एक ऑनलाइन कोर्स किया. एक साल तक पढ़ाई की और अब वह मास्टर ट्रेनर हैं.
इस साल जाएंगे अमेरिका
आगे बताया, अमेरिकन काउंसिल द्वारा दुनिया भर में मसल मेनिया नाम से नेचुरल बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया जाता है, जो 50 साल से चल रहा है. इंडिया में 7 साल पहले इसकी शुरुआत हुई थी. इस साल मैंने भी इसमें हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था. 7 दिसंबर को यह प्रतियोगिता दिल्ली में हुई थी. इसमें देश भर के 950 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. इन सभी में मेरा गोल्ड मेडल आया है. 2025 का प्रो-कार्ड मुझे मिला है. अब साल 2026 में होने वाले लॉस एंजिल्स में भाग लेने का मौका मिलेगा. इसी संस्था के द्वारा अमेरिका आने जाने का पूरा खर्च उठाया जाएगा.
अभी 50 हजार महीना कमाई
आदर्श ने बताया, मुंबई और दिल्ली के बड़े जिम में ट्रेनर के रूप में काम किया है. फिलहाल सागर लौट आया हूं. यहां पर्सनल ट्रेनर के रूप में लोगों को ऑनलाइन ऑफलाइन सेवाएं दे रहा हूं. 3 साल से या ऐसे सलाह चल रहा है. ऐसा करके औसतन हर महीने लगभग 50,000 रुपए की कमाई हो जाती है. इसके साथ ही अभी वह जेआरएफ की तैयारी भी कर रहे हैं. आगे चलकर वह स्पोर्ट एजुकेशन में असिस्टेंट प्रोफेसर बनना चाहते हैं.
यूपीएएसी में इंटरव्यू तक पहुंचे थे
आदर्श सूर्यवंशी बताते हैं कि उनके पिता जितेंद्र सूर्यवंशी पुलिस में थे, लेकिन कुछ साल उनका स्वर्गवास हो गया था. अभी उनकी मां पितांबरी सूर्यवंशी प्रधान आरक्षक हैं. वह इकलौते बेटे हैं. इन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर रिमझिरिया से दसवीं तक की पढ़ाई की. इसके बाद 11th और 12th शैलेश मेमोरियल स्कूल मकरोनिया से पढ़े. सागर विश्वविद्यालय से बीए प्लस b.Ed किया था. स्पोर्ट एजुकेशन करने के लिए इंदौर चले गए थे. पहले यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे. चार अटेम्प्ट दिए, जिसमें चारों बार प्री क्वालीफाई कर लिया था. आखिरी के दो अटेम्प्ट में प्री और मैंस क्लियर करने के बाद इंटरव्यू में रह जाते थे.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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