ट्रंप के 50% टैरिफ की चोट से पस्त ट्रेड, लगातार तीसरे महीने भारत के एक्सपोर्ट का हुआ ये हाल

GTRI On India’s Export: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत के ऊपर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ से भारतीय एक्सपोर्ट बुरी तरह प्रभावित हुआ है. लगातार ऐसा तीसरा महीना है जब एक्सपोर्ट में जबरदस्त गिरावट आयी है. सबसे ज्यादा यूएस के हाई टैरिफ का असर रत्न व आभूषण, चमड़े के बने सामान जैसी चीजों के ऊपर देखने को मिला है. इसकी वजह ये है कि इन सामानों के कुल वैश्विक एक्सपोर्ट का सिर्फ अमेरिका पर 30 से 60 प्रतिशत तक निर्भरता है.

टैरिफ की चोट से आहत ट्रेड

ग्लोबल ट्रेड एंड रिसर्च इनिशिएटिव्स के संस्थापक अजय श्रीवास्तव की मानें तो अमेरिका के हाई टैरिफ ने कुछ सेक्टर की हालत पस्त करके रख दी है. अगस्त के महीने में 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ प्रभावी होने के बाद भारत से अमेरिकी निर्यात में जुलाई के मुकाबले 16.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह गिरकर 6.7 बिलियन डॉलर पर आ गया. यह साल 2025 में एक्सपोर्ट में सबसे बड़ी गिरावट है.

इससे पहले जुलाई के महीने में जून की तुलना में भारत से अमेरिका एक्सपोर्ट में करीब 3.6 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 8.0 बिलियन डॉलर हो गया. वहीं जून में मई की तुलना में एक्सपोर्ट में 5.7 प्रतिशत की गिरावट आई और ये 8.3 बिलियन डॉलर हो गया.

हालांकि अगर मई की बात करें तो इस महीने में पॉजिटिव संकेत दिखे और यह अप्रैल की तुलना में 4.8 प्रतिशत के इजाफे के साथ 8.8 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया. अप्रैल के महीने में भारत से अमेरिका में 8.4 बिलियन का एक्सपोर्ट किया गया था.

अगस्त में 50 प्रतिशत टैरिफ प्रभावी

दरअसल अगस्त का महीना भारतीय एक्सपोर्ट के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उस वक्त आया जब 7 अगस्त को 27 प्रतिशत ट्रंप टैरिफ प्रभावी हुआ. इसके करीब 20 दिन बाद 27 अगस्त को टैरिफ की दरें बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई. जीटीआरआई ने चेतावनी देते हुए कहा कि सितंबर के महीने में और बड़ी गिरावट देखी जा सकती है, क्योंकि यह पहला महीना होगा जब पूरे महीने 50 प्रतिशत टैरिफ लागू रहेगा. इससे पहले अगस्त के आखिर में 50 प्रतिशत टैरिफ प्रभावी हुआ था.

सेक्टर-वाइज असर

  • रत्न व आभूषण (Gems & Jewellery): इस सेक्टर का 40-50 प्रतिशत निर्यात अमेरिका पर निर्भर है. हाई टैरिफ के बाद इस उद्योग की ऑर्डर बुक में सीधी गिरावट देखने को मिली है.

  • चमड़ा और लेदर गुड्स: अमेरिका इस इंडस्ट्री का सबसे बड़ा खरीदार है. टैरिफ के चलते भारतीय लेदर कंपनियों के ऑर्डर शिफ्ट होकर वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों की ओर जा रहे हैं.

  • टेक्सटाइल और गारमेंट्स: पहले से ही चीन और वियतनाम की कड़ी प्रतिस्पर्धा झेल रहा भारतीय टेक्सटाइल सेक्टर अब महंगे टैरिफ की वजह से अमेरिकी बाजार में और कमजोर हुआ है.

  • इंजीनियरिंग गुड्स: मशीनरी और ऑटो कॉम्पोनेंट्स का निर्यात भी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि अमेरिका ने वैल्यू-ऐडेड प्रोडक्ट्स पर भी टैरिफ बढ़ा दिया है.ये भी पढ़ें: इस शेयर में पैसा लगाने वाला हुआ मालामाल, एक दिन में 19% तो पांच साल में दिया 965% का शानदार रिटर्न

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *