Last Updated:
सत्यानाशी, नाम भले ही कठोर लगे, लेकिन यह कांटेदार पौधा कई बीमारियों के इलाज में रामबाण है. गांवों में लोग इसे अक्सर बेकार समझकर काट देते हैं, जबकि इसकी जड़ों और दूध जैसे रस में मौजूद एंटीसेप्टिक व एंटीफंगल गुण फोड़े-फुंसी, खुजली, दाद, एक्जिमा और सोरायसिस जैसी स्किन की परेशानियों को दूर करने में बेहद मददगार हैं.

मुकेश पांडेय/मिर्जापुर : घरों के पास या कहीं आते-जाते हुए अपने इस कांटेदार पौधे को देखा होगा. इसको तोड़ने पर सफेद पानी निकलता हैं. नुकीली कांटेदार होने की वजह से कई बार दिक्कतें होती है. अक्सर घरों के पास दिखने पर आप कांट देते हैं, लेकिन ये कई चीजों में कारगर है.

इस कांटेदार पौधे का नाम सत्यानाशी कहा जाता है. इसका अंग्रेजी का नाम मेक्सिकन प्रिक्ली पोप्पी कहते हैं. यह भले ही जंगली और बेकार पौधे लगते हैं, लेकिन इसके फायदे जानकर आपके पैरों के तले जमीन खिसक जाएगी. एक ही नहीं बल्कि कई चीजों में भी यह फायदेमंद है.

सत्यानाशी स्किन से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में भी बेहद मददगार है. यह खुजली के साथ ही दाद को भी खत्म करने में रामबाण है. फोड़े-फुंसी के साथ ही एक्जिमा और सोरायसिस जैसी स्किन प्रोबलम में यह सबसे ज्यादा काम आता है.

गांव में इसका प्रयोग ग्रामीण करते हैं. पौधे से निकलने वाले दूध को सीधे त्वचा पर लगाते हैं. इसमें मिलने वाला एंटीसेफ्टिक और एंटीफंगल जल्द घावों को भर देता है. यह बेहद आसानी से उपलब्ध है और मुफ्त इलाज के तौर पर प्रयोग कर सकते हैं.

सत्यानाशी थोड़ा जहरीला होता है. इसलिए बिना डॉक्टरों के सलाह के बिल्कुल प्रयोग नहीं करें. डॉक्टरों के बगैर इसका इस्तेमाल करना दिक्कत की वजह बन सकता है. उपयोग करने के लिए थोड़ी सी मात्रा में लगाए.

थोड़ा शारीरिक स्किन की दिक्कतें होने पर क्रीम और महंगी दवा का उपयोग करते हैं. हालांकि, घर के पास मौजूद यह नेचुरल और घरेलू नुस्खा बेहद उपयोगी और कारगर है. इस इसे पहचानने का तरीका और इस्तेमाल करने का टिप्स डॉक्टरों से पूछ सकते हैं.