पौधे को कंकाल बना देता ये कीट…नीम का तेल बनेगा गोभी की ढाल, सरसो भी करेगा कमाल!

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Gobhi Plant Care Tips: इन दिनों फूलगोभी की फसल पर डायमंड बैक मोथ का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है, जिससे किसान परेशान हैं. यह कीट पत्तियों को नुकसान पहुंचाकर पैदावार 80 से 90 प्रतिशत तक घटा सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर खेत की निगरानी जरूरी है. ट्रैप क्रॉप तकनीक अपनाकर सरसों की बुवाई करें और 4 प्रतिशत नीम तेल का छिड़काव करें.

गोभी की खेती के टिप्स: मध्यप्रदेश के सीधी जिले में किसान बड़े पैमाने पर फूलगोभी की खेती करते हैं. यह फसल कम समय में अच्छा उत्पादन देने वाली मानी जाती है, लेकिन बीते कुछ वर्षों से गोभी की खेती में कीट प्रकोप किसानों के लिए बड़ी समस्या बनता जा रहा है. खासकर डायमंड बैक मोथ नामक कीट फूलगोभी की फसल के लिए गंभीर खतरे के रूप में सामने आई है. इस कीट के कारण किसानों की फसल 80 से 90 प्रतिशत तक बर्बाद हो रही है.

कृषि विशेषज्ञ मनसुख लाल कुशवाहा ने बताया कि डायमंड बैक मोथ का प्रकोप मुख्य रूप से मौसम में बदलाव के साथ तेजी से बढ़ता है. तापमान में उतार-चढ़ाव और हल्की गर्मी इस कीट के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर देती है. यह कीट लार्वा अवस्था में पौधों को नुकसान पहुंचाता है. लार्वा फूलगोभी की कोमल पत्तियों को खाकर उनमें छोटे-छोटे छेद कर देता है और धीरे-धीरे पूरी पत्ती को नष्ट कर देता है. अधिक प्रकोप की स्थिति में पौधा केवल कंकाल जैसा रह जाता है, जिससे पौधे की बढ़वार रुक जाती है.

कृषि विशेषज्ञ मनसुख लाल कुशवाहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसान समय रहते इस कीट पर ध्यान न दें तो पूरी फसल बर्बाद हो सकती है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सही प्रबंधन और समय पर उपाय अपनाकर इस कीट पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. इसके लिए किसानों को नियमित रूप से अपने खेतों की निगरानी करनी चाहिए और जैसे ही पत्तियों पर छेद या लार्वा दिखाई दें, तुरंत रोकथाम के उपाय अपनाने चाहिए.

डायमंड बैक मोथ से बचाव के लिए ट्रैप क्रॉप तकनीक बेहद कारगर मानी जाती है. इस तकनीक के तहत किसान फूलगोभी की हर तीन कतारों के बाद एक कतार सरसों की फसल लगाएं. सरसों की ओर यह कीट अधिक आकर्षित होता है, जिससे मुख्य फसल सुरक्षित रहती है. इसके अलावा जैविक नियंत्रण के रूप में 4 प्रतिशत नीम के तेल का घोल बनाकर छिड़काव करना लाभकारी होता है. नीम का तेल कीटों की वृद्धि को रोकता है और 10 से 15 दिनों में इनके प्रभाव को काफी हद तक कम कर देता है.

यदि कीट का प्रकोप अधिक हो जाए तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह से अच्छी गुणवत्ता वाले सिस्टमिक कीटनाशकों का सीमित और सही मात्रा में प्रयोग किया जा सकता है. खेत की साफ-सफाई, संक्रमित पत्तियों को हटाना और सही समय पर दवाओं का छिड़काव करने से फूलगोभी की फसल को 90 प्रतिशत तक सुरक्षित रखा जा सकता है. अच्छे से देखभाल करके किसान अपनी फसल को नुकसान से बचा सकते हैं और अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं.

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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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नीम का तेल बनेगा गोभी की ढाल, सरसो भी करेगा कमाल!

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