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Lakhimpur Kheri News: पशुपालन विभाग की ओर से किसानों को मुर्गी पालन करने के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे किसान कम लागत में मुर्गी पालन शुरू कर अच्छा खासा मुनाफा कमा सके. मुर्गी पालन करने से किसानों को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है.
लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में युवा इस समय खेती के साथ-साथ मुर्गी पालन पर अधिक जोर दे रहे हैं. कम लागत में मुर्गी फार्मिंग से किसानों को अधिक मुनाफा हो रहा है. परंपरागत खेती के साथ-साथ किसान अब पशुपालन और मुर्गी पालन को अपनाकर अपनी किस्मत चमका रहे हैं.
वहीं दूसरी ओर लगातार पशुपालन विभाग की ओर से किसानों को मुर्गी पालन करने के लिए प्रशिक्षण के साथ-साथ अनुदान भी दिया जा रहा है, जिससे किसान कम लागत में मुर्गी पालन शुरू कर अच्छा खासा मुनाफा कमा सके. मुर्गी पालन करने से किसानों को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है. अंडे की डिमांड के साथ-साथ चिकन की भी डिमांड बढ़ती जा रही है, जिस कारण मुर्गी पालन करने से अच्छा खासा मुनाफा होता है.
मुर्गी पालन का काम शुरू
बातचीत करते हुए कलीम बताते हैं कि हाई स्कूल करने के बाद हमने मुर्गी पालन का काम शुरू किया, जिससे कम लागत में अधिक मुनाफा मुर्गी पालन से हमें हो रहा है. मुर्गी पालन का आइडिया हमें यूट्यूब और कुछ लोगों से मिला, जिसके बाद हमने मुर्गी पालन शुरू कर दिया. पिछले करीब 4 साल से लगातार मुर्गी पालन कर रहे हैं. 40 से 45 दिन में करीब 1 लाख से अधिक इनकम मुर्गी पालन से हो रही है. इस समय हमारे पास करीब 4200 मुर्गी के चूजे हैं.
मुर्गी पालन करते समय इन बातों का रखें ध्यान
मुर्गी पालन शुरू करने के लिए आपको 150 से 200 फीट क्षेत्रफल वाली खुली और सुरक्षित जगह की आवश्यकता होगी, ताकि मुर्गियों को पर्याप्त हवा और स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा मिल सके. बस आप पोल्ट्री फार्म बनाकर तैयार कर लें. कई कंपनियां अपने चूजे तैयार करने के लिए भी देती हैं. कुछ किसान चूजा तैयार कर भी लाखों रुपए कमा रहे हैं. वही बाजारों में 1 किलो चिकन 150 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बिक्री होती है. गर्मियों के मौसम में अधिक देखभाल करने की भी जरूरत नहीं होती है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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