इम्युनिटी बूस्ट करने के साथ दर्जनो बीमारियों के इलाज में फायदेमंद होती है ये जड़ी बूटी

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Health care tips: गिलोय एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है. यह सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इम्यूनिटी से लेकर मधुमेह तक करीब दर्जनों बीमारियों में यह रामबाण इलाज का काम करती है. लेकिन इसका सेवन चिकित्सक की सलाह पर ही करना चाहिए.

गिलोय एक अत्यंत गुणकारी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है. जो इम्यूनिटी बढ़ाने, बुखार (डेंगू, मलेरिया) कम करने और पुरानी बीमारियों को नियंत्रित करने में बहुत फायदेमंद है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते हैं. पाचन सुधारते हैं और गठिया में दर्द व सूजन को कम करते हैं. यह श्वेत रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर संक्रमण से लड़ने में मदद करती है.

एक्सपर्ट डॉ. गीतिका शर्मा ने बताया कि गिलोय एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक इम्यूनिटी बूस्टर है. जो श्वेत रक्त कोशिकाओं को सक्रिय कर संक्रमण, सर्दी-खांसी, और बुखार (डेंगू/मलेरिया) से लड़ने में मदद करता है. इसमें एंटी-वायरल और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं. जो शरीर को डिटॉक्स (विषमुक्त) कर रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं.

गिलोय संक्रमण से सुरक्षा के लिए एक शक्तिशाली आयुर्वेदिक इम्युनिटी बूस्टर है. यह श्वेत रक्त कोशिकाओं को बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है. जिससे वायरल फीवर, डेंगू, सर्दी-जुकाम और अन्य संक्रमणों से लड़ने में मदद मिलती है. इसे काढ़े या जूस के रूप में खाली पेट लेना सबसे प्रभावी है.

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गिलोय बुखार के लिए एक अत्यंत प्रभावी आयुर्वेदिक औषधि है. जिसे ज्वरनाशक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के कारण अमृत भी कहा जाता है. यह डेंगू, मलेरिया, स्वाइन फ्लू और मौसमी बुखार में प्लेटलेट्स बढ़ाने और इम्यूनिटी मजबूत करने में सहायक है. गिलोय के जूस या काढ़े का सेवन दिन में दो बार करना फायदेमंद होता है.

गिलोय इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार और ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. जिससे यह चिकित्सा उपचार के साथ-साथ मधुमेह के प्रबंधन के लिए एक लाभकारी प्राकृतिक पूरक बन जाता है.

गिलोय पाचन में सुधार के लिए एक आयुर्वेदिक औषधि है. जो पाचन एंजाइमों को उत्तेजित कर कब्ज, एसिडिटी, गैस और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है. यह आंतों की कार्यक्षमता को बढ़ाकर, विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर और पोषण के अवशोषण को बेहतर बनाकर पाचन क्रिया को स्वस्थ बनाती है.

गिलोय अपने सूजनरोधी और बाल्या शक्तिवर्धक गुणों के कारण जोड़ों के दर्द, गठिया की अकड़न और त्वचा विकारों मुंहासे, खुजली के उपचार में अत्यधिक प्रभावी है. यह जोड़ों के दर्द में सूजन कम करता है और डिटॉक्स के माध्यम से त्वचा को स्वस्थ बनाता है. इसे जूस, काढ़े या पाउडर के रूप में सुबह खाली पेट लिया जा सकता है.

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इम्युनिटी बूस्ट करने के साथ दर्जनो बीमारियों के इलाज में फायदेमंद है जड़ी बूटी

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