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Bhumi Amla Health Benefits: पीलीभीत में भूमि आंवला जिसे Phyllanthus niruri कहते हैं, बरसात में उगता है. डॉ. आदित्य पांडेय के अनुसार यह लीवर, किडनी व त्वचा रोगों में लाभकारी है.
पीलीभीत के वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य डॉ. आदित्य पांडेय ने लोकल 18 को बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, प्रकृति की हर चीज किसी न किसी काम आती है. आदित्य पांडेय ने बताया कि हम अक्सर अपने घरों और खेतों में उगे अनचाहे पौधों को उखाड़ फेंकते हैं, लेकिन इनमें से कई पौधे औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. भूमि आंवला भी ऐसा ही एक पौधा है, इस पौधे का वैज्ञानिक नाम Phyllanthus niruri होता है. यह आमतौर पर बरसात के मौसम में खेतों और नमी वाली जगहों पर खरपतवार के रूप में उगता है. यह कई रोगों में लाभकारी साबित होता है. यह किडनी, त्वचा रोग, और सबसे महत्वपूर्ण ढंग से लीवर के तमाम रोगों में संजीवनी बूटी का काम करता है.
भूमिआंवला का औषधीय उपयोग तमाम तरीकों से किया जा सकता है. भूमि आंवला का चूर्ण बनाकर उसका गर्म पानी, शहद या छाछ के साथ सेवन किया जा सकता है. वहीं भूमि आंवला के समूचे पौधे को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है. इस काढ़े को लिवर और किडनी से संबंधित समस्याओं के लिए काफी फायदेमंद माना गया है. सभी से अपील है कि अपने दैनिक जीवन में घरेलू नुस्खे और आयुर्वेद को शामिल करें.
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस…और पढ़ें
पिछले एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय हूं. पत्रकारिता की शुरुआत 2010 में नई दुनिया अखबार से की, जिसके बाद सफर लगातार आगे बढ़ता गया. हिंदुस्तान, शुक्रवार पत्रिका, नया इंडिया, वेबदुनिया और ईटीवी जैस… और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.