Animal Care: ग्रामीण इलाकों में एक ऐसी भी मक्खी पाई जाती है, जो पशुओं के लिए दुश्मन मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में इस मक्खी को बगई कहा जाता है. ये मक्खी पशुओं में बैठते ही उनका खून चूसने लगती है. असहनीय पीड़ा भी होती है लेकिन इससे वह कमजोर हो जाते हैं और उनके दूध देने की क्षमता भी घट जाती है. पशु चिकित्सा अधिकारी मातादीन पटेल बताते हैं कि यह मक्खी हार-खेत, जंगल में पाई जाती है. अगर जानवर वहां चरने जाता है तो उसके पीछे-पीछे घर तक आ जाती हैं. इसका उपाय हमारे पास भी कुछ खास नहीं है. हालांकि, कुछ तेल आते हैं जिसकी तेज महक से कुछ हद तक पास नहीं आ सकती हैं लेकिन ये मक्खी ढीढ होती है. आसानी से नहीं भगती है.
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