अक्सर हम अपने आसपास के पेड़-पौधों को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मुरादाबाद के हिंदू कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.अमित वैश्य के अनुसार ढाक या पलाश का पेड़ आयुर्वेद का एक अनमोल खजाना है. उत्तर प्रदेश और झारखंड के इस राजकीय पुष्प को बूटिया मोनोस्पर्मा के नाम से जाना जाता है.पलाश के फूलों का रस मूत्राशय की सूजन और पेशाब से जुड़ी समस्याओं के लिए रामबाण माना गया है. लाल-नारंगी फूलों वाला यह वृक्ष मन को शांति देने के साथ-साथ हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है. प्रकृति का यह मुफ्त डॉक्टर अगर सही ढंग से उपयोग किया जाए, तो कई बड़ी बीमारियों से छुटकारा दिला सकता है. इसके बीजों और फलियों में शक्तिशाली कृमिनाशक तत्व होते हैं जो पेट के कीड़ों को जड़ से खत्म कर देते हैं. यह स्किन पर चमक लाने में रामबाण की तरह काम करता है.आइए वीडियों में विस्तार से जानते हैं.