खुजली-दाद का दुश्मन है ये फूल, आंखों के लिए है रामबाण! एक्सपर्ट से जानें फायदे

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Health Tips: गेंदा फूल हजारीबाग के ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक उपचार में उपयोग होता है. डॉक्टर एस एन तिवारी ने इसके औषधीय गुणों को स्किन, रक्त शोधन और आंखों के लिए लाभकारी बताया है.

कई फूलों में मनभावन सुगंध और सुंदरता के साथ-साथ कई प्रकार के औषधीय गुण भी पाए जाते हैं. प्राचीन काल में जब आधुनिक दवाएं विकसित नहीं हुई थीं. तब इन्हीं फूलों का प्रयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता था. ऐसा ही एक फूल गेंदा है, जिसे आज भी आयुर्वेद में विशेष स्थान दिया जाता है.

गेंदा

हजारीबाग के ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी गेंदा फूल का प्रयोग पारंपरिक उपचार के रूप में किया जाता है. इस विषय पर जिला आयुष पदाधिकारी डॉक्टर एस एन तिवारी बताते हैं कि गेंदा फूल में पाए जाने वाले औषधीय गुणों के कारण इसका उपयोग स्किन संबंधी रोगों से लेकर रक्त शोधन तक में किया जाता है.

गेंदा

उन्होंने बताया कि गेंदा फूल में विटामिन ए, विटामिन बी, मिनरल्स के साथ-साथ शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. इसके फूल और पत्तों में एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण भी मौजूद होते हैं, जो दाद, खाज, खुजली, फंगल इन्फेक्शन और स्कैल्प की समस्याओं के उपचार में कारगर साबित होते हैं.

गेंदा

उन्होंने बताया कि दाद-खाज-खुजली जैसे त्वचा संक्रमण में गेंदा सबसे प्रभावी घरेलू नुस्खा है. इसके फूलों को अच्छी तरह पीसकर प्रभावित जगह पर लगाने से आराम मिलता है. यह उपचार ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से अपनाया जा रहा है और आज भी यह लोक चिकित्सा का अभिन्न हिस्सा है.

गेंदा

वे बताते हैं कि गेंदा फूल का उपयोग रक्त शोधन में भी किया जाता है. इसके फूलों को पीसकर औषधीय रूप से सेवन करने से रक्त में मौजूद विषैले तत्त्व बाहर निकलते हैं, जिससे फोड़े-फुंसी और अन्य त्वचा रोगों में लाभ होता है. यही कारण है कि इसे प्राकृतिक डिटॉक्स के रूप में भी जाना जाता है.

गेंदा

उन्होंने आगे बताया कि आयुर्वेद के अनुसार, गेंदा का फूल शरीर के तीनों दोषों वात, पित्त और कफको संतुलित करने में सहायक होता है. इसके अर्क का उपयोग घाव भरने, सूजन कम करने और दर्द निवारण में भी किया जाता है. यही कारण है कि गेंदा आधारित मलहम, तेल और क्रीम बाज़ार में उपलब्ध है.

गेंदा

आधुनिक वैज्ञानिक शोध भी गेंदा के औषधीय फायदों की पुष्टि करते हैं. शोधों में पाया गया है कि इसमें मौजूद ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन आंखों की रोशनी बढ़ाने और हानिकारक यूवी किरणों से सुरक्षा करने में सहायक होते हैं.

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