खून बढ़ाने वाला है टॉनिक है यह फूल, महिलाओं के लिए तो रामबाण, शरीर में भर देता है फौलादी ताकत

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Aparajita Flowers Benefits: आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय के अनुसार अपराजिता फूल महिलाओं के लिए सौंदर्य, ऊर्जा और स्वास्थ्य का प्राकृतिक स्रोत है. यह त्वचा निखारता है, खून बढ़ाता है, हार्मोन संतुलित करता है, प्रसवोत्तर कमजोरी में लाभ देता है और प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. इसका उपयोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए.

जौनपुर:  आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय ने बताया कि भगवान भोलेनाथ का प्रिय फूल माने जाने वाला अपराजिता सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं रखता, बल्कि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. आयुर्वेद में इसे सौंदर्य बढ़ाने, शरीर को मजबूत बनाने और कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में बेहद लाभकारी बताया गया है. यह फूल अपने गुणों के कारण सदियों से घरेलू उपचार में उपयोग किया जाता रहा है.

डॉ. पांडेय ने बताया कि अपराजिता के फूल में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा की रंगत को बढ़ाते हैं और चेहरे पर प्राकृतिक निखार लाते हैं. इसके नियमित सेवन या इसके फूलों से बने काढ़े और चाय पीने से चेहरे पर आए दाग-धब्बे हल्के होते हैं और त्वचा कोमल बनती है. यह महिलाओं के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक ब्यूटी टॉनिक की तरह काम करता है. उन्होंने बताया कि अपराजिता सिर्फ सुंदरता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि महिलाओं की शारीरिक मजबूती में भी अहम भूमिका निभाती है. यह फूल शरीर में आयरन की कमी को दूर कर खून बढ़ाने में मदद करता है, जिससे कमजोरी, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं कम होती हैं. खासकर प्रसव के बाद कमजोर हुई महिलाओं के लिए अपराजिता का काढ़ा बेहद उपयोगी साबित हो सकता है.

डॉ. पांडेय का कहना है कि अपराजिता महिलाओं के हार्मोन संतुलन में भी मदद करती है. इस फूल के सेवन से मासिक धर्म संबंधी दर्द, अनियमितता और मानसिक तनाव में भी राहत मिलती है. इसके अलावा यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर महिलाओं को बीमारियों से बचाता है. अपराजिता की जड़, पत्ते और फूल तीनों औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. उन्होंने कहा कि अपराजिता की चाय पीने से शरीर में अतिरिक्त चर्बी कम होती है और वजन नियंत्रित रहता है. यह पाचन शक्ति बढ़ाती है और कब्ज जैसी समस्या में भी लाभ देती है. इसके फूलों का लेप लगाने से बाल मजबूत होते हैं और झड़ना कम होते हैं. आयुर्वेद में इसे प्राकृतिक ऊर्जा बढ़ाने वाला पुष्प माना गया है.

डॉ. पांडेय ने सलाह दी कि अपराजिता का उपयोग सीमित मात्रा में और किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से ही करें. गर्भवती महिलाएं बिना चिकित्सकीय परामर्श के इसका सेवन न करें. नियमित और संतुलित उपयोग से यह फूल महिलाओं के लिए सौंदर्य, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास तीनों का आधार बन सकता है. अपराजिता का धार्मिक और औषधीय दोनों महत्व है. भगवान शिव की पूजा में प्रयुक्त यह फूल आज भी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है. महिलाओं के लिए यह प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, जो सुंदरता के साथ-साथ शारीरिक मजबूती भी प्रदान करता है.

Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल…और पढ़ें

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों में रिपोर्टिंग से ल… और पढ़ें

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खून बढ़ाने वाला है टॉनिक है यह फूल, महिलाओं के लिए तो रामबाण

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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