इस किसान ने धुएं से बचा ली लाखों की फसल, जुगाड़ देख गांव वाले भी हैरान, पूछने लगे तरीका

Agriculture Tips. छतरपुर जिले में ठंडी हवाओं और धूप न निकलने की वजह से लगातार तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है. जिसकी वजह से पाला भी बढ़ता जा रहा है. बढ़ती ठंड को देखते हुए किसान भाई अपने खेतों में देसी उपाय भी कर रहे हैं. इस उपाय से वह अपनी फसलों को बचा पा रहे हैं. दरअसल, किसान भाई खेतों में धुआ कर रहे हैं, जिससे कि उनकी लाखों की फसलें पाले से सुरक्षित हो रही है.

किसान ने अपनाया देसी जुगाड़ 
किसान तेजराम बताते हैं कि मैंने 10 बीघा में टमाटर, मिर्च, बैगन और फूल गोभी जैसी सब्जी लगा रखी है. लेकिन इस समय जिले में शीत लहर चलने से तापमान में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. कम धूप और कोहरा छाए रहने की वजह से फसलों में पाला लग रहा है.  इसलिए अपनी फसलों को पाले से सुरक्षित रखने के लिए रात में धुआं करते हैं. हालांकि दवाओं का छिड़काव भी करते हैं लेकिन धुआं करने का ये तरीका हमारा सालों पुराना है. यह पाले में बिल्कुल असरदायक होता है.

खेत के चारों ओर करते हैं धुआं 
किसान बताते हैं कि खेत के चारों तरफ रात को 10 बजे से धुआं कर देते हैं. साथ ही सुबह भी धुआं करते हैं. यह देसी जुगाड़ हम सालों से करते आए हैं और यह बिल्कुल असर दायक होता है इस उपाय से फसली पाल से बच जाती हैं. क्योंकि जब हवा चलती है तो यह धुआं खेतों में उड़ता है जिससे कि ओस का प्रभाव भी नहीं पड़ता है और फसलों पर लगने वाला पाला भी कम हो जाता है.

कृषि अधिकारी ने बताए टिप्स 
वहीं छतरपुर कृषि उपसंचालक रवीश सिंह बताते हैं कि तापमान में गिरावट का सर्वाधिक प्रभाव दलहनी, तिलहनी एवं सब्जी वाली फसलों पर पड़ता है. इन फसलों में पाले का प्रकोप होने की संभावना अधिक रहती है. रवीश सिंह बताते हैं कि किसान रात्रि में 12 बजे से 2 बजे के बीच खेतों की मेड़ों पर कचरा या सूखी घास जलाकर धुआं जरूर करें, जिससे पाले का असर कम किया जा सके. इसके साथ ही फसलों पर 2.5 ग्राम सल्फर एक लीटर पानी में घोलकर छिड़काव कर सकते हैं.

उप संचालक कृषि ने यह भी सुझाव दिया है कि पौधशालाओं के पौधों, उद्यानों तथा नगदी सब्जी वाली फसलों को टाट, पॉलिथिन या भूसे से ढककर सुरक्षित रखा जाए, ताकि शीत लहर और पाले से फसलों को नुकसान न हो.

कृषि वैज्ञानिक ने दी किसानों को सलाह 

नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ डॉ कमलेश बताते हैं कि वर्तमान में तापमान लगभग 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है. जिससे मिर्च, टमाटर, बैगन, आलू, गेहूं और मटर की फसलों में पाला पड़ने की प्रबल संभावना रहती है. पाले से फसलों को बचाने के लिए किसान शाम के समय खेत में धुआं करने की व्यवस्था जरुर करें. इससे पौधों पर गिरने वाली ओस का असर कम हो जाएगा. साथ ही खेत की मिट्टी में नमी बनाए रखने के लिए सिंचाई भी कर सकते हैं.

वहीं गेहूं फसल को पाले से बचाने के लिए रात के समय खेतों में हल्का धुआ भी कर सकते हैं. इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और फसल को ठंड से नुकसान नहीं होगा. डॉक्टर अहिरवार बताते हैं कि तिलहनी फसलों में सल्फर का छिड़काव करने से पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और पाली के प्रभाव को कम किया जा सकता है.

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