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सरसों का तेल सिर्फ खाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह त्वचा और शरीर के लिए एक देसी सुपरहीरो भी है. खासकर नहाने से पहले या बाद में इसका इस्तेमाल त्वचा को गहराई से पोषण देता है. इसकी गर्म तासीर सर्दियों में शरीर को राहत, ताकत और प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान करती है. इसके अनेकों फायदे हैं, जिन्हें आगे विस्तार से जानिए….
नहाने से पहले सरसों के तेल की मालिश करने से त्वचा गहराई तक मॉइस्चराइज हो जाती है. यह रूखेपन को जड़ से खत्म कर त्वचा को मुलायम बनाता है. इसके अलावा, तेल से की गई मालिश ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाती है, जिससे शरीर हल्का महसूस करता है और थकान भी दूर हो जाती है.

सरसों का तेल त्वचा के रोमछिद्र खोलने में बेहद उपयोगी है. खासकर सर्दियों में जब गर्म पानी से स्नान किया जाता है, तो यह त्वचा से विषाक्त पदार्थ बाहर निकालने में मदद करता है. इसी वजह से मांसपेशियों और जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है, यह बुजुर्गों को ठंड में अकड़न झेलने वालों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद उपाय साबित होता है.

बलिया जनपद के मझौली निवासी दीपक तिवारी के अनुसार, सरसों तेल की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्राकृतिक गर्माहट है. नहाने से पहले इसका उपयोग करने से शरीर ठंड से सुरक्षित रहता है और सर्दी-जुकाम में राहत मिलती है. इसके अलावा, मालिश के बाद स्नान करने से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है और दिनभर ताजगी महसूस होती है.
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हालांकि, नहाने के बाद हल्की गीली त्वचा पर सरसों का तेल लगाने से नमी को लॉक किया जा सकता है. इससे त्वचा लंबे समय तक सॉफ्ट रहती है और चिपचिपापन महसूस नहीं होता. इसके रोजाना इस्तेमाल से त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है और बेजानपन दूर होता है.

सरसों के तेल में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं. यह झुर्रियों की रफ्तार को कम करता है और त्वचा को जवान बनाए रखता है. साथ ही, इसके नियमित उपयोग से दाग-धब्बे हल्के होते हैं और चेहरे पर हेल्दी ग्लो नजर आने लगता है.

सरसों का तेल बैक्टीरिया-रोधी और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर होता है, जिससे खुजली और इन्फेक्शन का खतरा कम हो जाता है. हल्की मात्रा में इसका इस्तेमाल प्राकृतिक सनस्क्रीन की तरह भी किया जा सकता है, जो टैनिंग को कम करने में मदद करता है और त्वचा को सुरक्षित, मजबूत बनाए रखता है.

सरसों तेल का इस्तेमाल करने से पहले, खासकर संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए पैच टेस्ट करना जरूरी है. चेहरे पर इसका प्रयोग सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. विशेष रूप से तैलीय या मुंहासे वाली त्वचा पर इसे बहुत कम या बिल्कुल नहीं लगाना चाहिए. सही तरीके से उपयोग करने पर ही इस देसी नुस्खे का पूरा लाभ उठाया जा सकता है.
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