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Health Tips: गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जिससे मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को गंभीर नुकसान हो सकता है. जिला महिला अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में करीब 20% गर्भवती महिलाएं उच्च रक्तचाप से पीड़ित पाई जा रही हैं. स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया अंजनी मिश्रा के अनुसार, लापरवाही से प्री-एक्लेम्पसिया, समय से पहले डिलीवरी और अंगों को नुकसान हो सकता है। नियमित जांच और संतुलित आहार जरूरी है.
लखीमपुर खीरी: गर्भवती महिलाओं में लगातार हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ता जा रहा है, जिसको लेकर गर्भवती महिलाएं परेशान हो रही हैं.गर्भावस्था के दौरान हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, जो मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर साबित हो सकता है. जिला महिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट नर्सिंग होम में करीब 20% महिलाएं हाइपरटेंशन का शिकार हो रही हैं. हाइपरटेंशन की समस्या प्री एक्लेम्पसिया हाई बीपी का गंभीर रूप है. जिससे गुर्दा और यकृत को नुकसान हो सकता है. उच्च रक्तचाप के कारण समय से पहले डिलीवरी का खतरा बढ़ जाता है, जिस कारण महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
डॉक्टर सुप्रिया अंजनी मिश्रा स्त्री रोग एवं बांझपन विशेषज्ञ ने लोकल-18 से बातचीत करते हुए बताया कि हाइपरटेंशन में जरा सी लापरवाही होने से मां और गर्भस्थ शिशु को कई बीमारियों की चपेट में ला सकतीं हैं .
गर्भवती महिलाएं ऐसे करें बचाव
जिन गर्भवती महिलाओं को हाइपरटेंशन का खतरा रहता है वह नियमित रूप से चेकअप अवश्य करवायें, जिससे रक्तचाप के निगरानी कर सकें.
गुनगुना पानी पिए ताजा फल और जूस पर्याप्त मात्रा में लें.
डॉक्टर की सलाह लेकर करीब 20 मिनट तक व्यायाम करें.
6 से 8 घंटे पर्याप्त नींद लेना चाहिए जिससे शरीर स्वस्थ रहता है.
कम नमक और पौष्टिक आहार का सेवन करें.
हरी पत्तेदार सब्जियां फल और अनाज को अपनी डाइट में शामिल करें.
हाइपरटेंशन के यह हैं लक्षण
डॉ सुप्रिया अंजनी मिश्रा ने बातचीत करते हुए बताया कि हाइपरटेंशन उच्च रक्तचाप के दौरान सिर में दर्द होना, हल्का धुंधला दिखाई देने लगा, व चमकती रोशनी होना, चेहरे यह हाथों में सूजन, पेट में दर्द सांस लेने में कठिनाई साबित हो सकती है, दिल की धड़कन तेज होना नाक से खून आना (कुछ मामलों में) जल्दी थकान लगना,
घबराहट या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे में ब्लड प्रेशर चेक नियमित रूप से करवाएं
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें