कागजी नींबू की खेती: कभी किसान जिस खेती को सिर्फ सपना मानते थे, आज वही खेती उनकी किस्मत बदल रही है. हम बात कर रहे हैं बारहमासी नींबू कागज़ी की खेती की, जिसे अब किसान “हरा सोना” कहने लगे हैं. सही किस्म, थोड़ी तकनीकी जानकारी और सामान्य देखरेख के साथ नींबू की खेती से हर साल लाखों रुपये की कमाई की जा सकती है. सबसे बड़ी बात यह है कि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है, इसलिए बिक्री की टेंशन भी नहीं होती.
एक बार लगाइए, सालों कमाइए
जय कृषि किसान क्लीनिक के कृषि विशेषज्ञ नवनीत रेवापाटी बताते हैं कि नींबू की खेती लंबे समय तक चलने वाली और स्थायी आमदनी देने वाली फसल है. एक बार पौधे अच्छे से जम जाएं, तो कई साल तक लगातार फल देते हैं. हर साल पौधों की पैदावार बढ़ती जाती है, जिससे मुनाफा भी बढ़ता चला जाता है.
नींबू की कमाई का सीधा-सपाट गणित
नवनीत रेवापाटी के मुताबिक एक नींबू का पेड़ साल में 20 से 30 किलो फल देता है. मोटे छिलके वाली किस्मों में उत्पादन 30 से 40 किलो तक, मंडी भाव आमतौर पर ₹40 से ₹70 प्रति किलो. इस हिसाब से किसान एक एकड़ में 4 से 5 लाख रुपये तक की सालाना कमाई आसानी से कर सकते हैं.
नींबू की सबसे फायदेमंद किस्में
कागजी नींबू – सबसे ज्यादा उगाई जाने वाली किस्म, करीब 52% रस
बारहमासी नींबू – साल में दो बार फल, 55-60 किलो प्रति पौधा
प्रमालिनी किस्म – गुच्छों में फल, 30% ज्यादा उत्पादन
विक्रम (पंजाबी बारहमासी) – पूरे साल फल
बालाजी बारमाशी नींबू – किसानों की पहली पसंद
इसके अलावा चक्रधर, PKM-1, साई शरबती, अभयपुरी लाइम और करीमगंज लाइम भी ज्यादा रस और उत्पादन के लिए जानी जाती हैं.
मिट्टी और मौसम का रखें ध्यान
नींबू की खेती के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. 4 से 9 पीएच वाली मिट्टी उपयुक्त रहती है. जलवायु की बात करें तो अर्ध-शुष्क और गर्म मौसम नींबू के लिए बेहतर है. सर्दी और पाले से पौधों को बचाना जरूरी होता है.
रोपाई का सही तरीका
नींबू की खेती बीज और पौधे दोनों से हो सकती है, लेकिन नर्सरी से लाए गए स्वस्थ पौधे सबसे अच्छे रहते हैं. करीब एक महीने पुराने, रोगमुक्त पौधे लगाने से फसल जल्दी और बेहतर मिलती है.
किसानों के लिए सुनहरा मौका
जो किसान कम जोखिम में ज्यादा मुनाफा चाहते हैं, उनके लिए बारहमासी नींबू कागज़ी की खेती किसी वरदान से कम नहीं है. सही जानकारी अपनाकर किसान अपनी आमदनी कई गुना बढ़ा सकते हैं.
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