CG News : छत्तीसगढ़ के कांकेर शहर में शाम ढलते ही अगर कहीं सबसे ज्यादा चहल-पहल और रौनक नजर आती है, तो वह है पोस्ट ऑफिस के सामने लगने वाला अनवर अली का राज चाट सेंटर, करीब 35 साल पुराना यह चाट ठेला आज भी स्वाद के शौकीनों की पहली पसंद बना हुआ है. समय बदला, पीढ़ियां बदलीं, लेकिन इस चाट सेंटर का स्वाद और लोगों का भरोसा जस का तस बना रहा. यही वजह है कि शाम होते ही आसपास के मोहल्लों और दूर-दराज के इलाकों से लोग यहां पहुंचने लगते हैं.
स्वाद में अलग ही पहचान नजर आती
राज चाट सेंटर पर ग्राहकों को चाट, गुपचुप, दही गुपचुप, पानी गुपचुप, कचौड़ी चाट, समोसा चाट और खस्ता चाट जैसे कई लजीज स्ट्रीट फूड आइटम मिलते हैं. खास बात यह है कि यहां इस्तेमाल होने वाला गुपचुप पूरी तरह घर पर तैयार किया गया होता है और मसाले भी ताजे व संतुलित होते हैं. इसी वजह से यहां के स्वाद में अलग ही पहचान नजर आती है, जो लोगों को बार-बार खींचकर लाती है.
यह चाट सेंटर रोजाना दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक संचालित होता है. इस दौरान ग्राहकों की लगातार आवाजाही बनी रहती है. संचालक अनवर अली बताते हैं कि सिर्फ चाट की ही रोजाना करीब 200 प्लेट तक बिक्री हो जाती है, जो किसी छोटे ठेले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा सकती है.
2000 नग तक बिक्री
कीमतों की बात करें तो यहां टिकिया चाट, समोसा चाट और खस्ता चाट 30 रुपये प्रति प्लेट, जबकि प्लेन चाट 20 रुपये प्रति प्लेट में उपलब्ध है. गुपचुप भी किफायती दामों में परोसा जाता है. पानी गुपचुप 20 रुपये में 7 नग, वहीं दही गुपचुप 20 रुपये में 6 नग ग्राहकों को दिया जाता है. रोजाना सिर्फ गुपचुप की ही करीब 2000 नग तक बिक्री हो जाती है, जो इस चाट सेंटर की लोकप्रियता और मांग को साफ तौर पर दर्शाती है.
अनवर अली का कहना है कि वे स्वाद के साथ-साथ हाइजीन और साफ-सफाई पर भी खास ध्यान देते हैं. पानी, सामग्री और बर्तनों की नियमित सफाई की जाती है, ताकि ग्राहकों को सुरक्षित और शुद्ध भोजन मिल सके. इसी ईमानदारी और मेहनत का नतीजा है कि उनका चाट सेंटर पीढ़ियों से लोगों की पसंद बना हुआ है. करीब साढ़े तीन दशक से चल रहे इस छोटे से ठेले से अनवर अली को रोजाना लगभग 3000 रुपये तक की शुद्ध आय हो जाती है.
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