आजकल बढ़ती हड्डियों और जोड़ों की बीमारियों के बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम में एक और एक्सीलेंस सेंटर खुल गया है.मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स गुरूग्राम ने ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट केयर के लिए नेक्स्ट जेनरेशन रोबोटिक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लांच किया है. जहां जोड़ों की गंभीर बीमारियों का ज्यादा सटीक, अनुमानित नतीजों और ज्यादा ह्यूमन सेंटर्ड एप्रोच के साथ इलाज किया जाएगा.
इस सेंटर को लेकर मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल्स के फाउंडिंग मेंबर, ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ डॉ. राजीव सिंघल ने कहा, ‘ऑर्थोपेडिक्स और जॉइंट केयर के लिए मैरिंगो एशिया रोबोटिक सेंटर का लॉन्च एक अहम कदम है. रोबोटिक-असिस्टेड ऑर्थोपेडिक्स सिर्फ टेक्नोलॉजी की बात नहीं है. इससे निरंतरता, सटीकता और पूर्वानुमान में भी मदद मिलती है, जिससे सर्जन को बेहतर फंक्शनल नतीजे देने और मरीजों को आत्मविश्वास के साथ ठीक होने में मदद मिलती है. मैं हमारे क्लिनिशियन, टेक्नोलॉजी पार्टनर और ऑपरेशंस से जुड़ी टीमों को बधाई देता हूं. सभी के सामूहिक प्रयास से यह सपना साकार हुआ है. यह सहयोग क्लिनिकल सख्ती, टीम वर्क और स्थायी प्रभाव की हमारी संस्कृति का प्रतीक है.’
उन्होंने बताया कि इसे एक मजबूत एकेडमिक और ट्रेनिंग फाउंडेशन का सपोर्ट भी है. इसमें ग्लोबल फेलोशिप, डीएनबी, एमआरसीएस (यूके) और एमसीएच प्रोग्राम शामिल हैं साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानक सुनिश्चित करने के लिए नियमित तौर पर क्लिनिकल ऑडिट भी होते हैं.
यहां मिलेंगी ये सुविधाएं
मार्क में जोड़ों को बचाने, जॉइंट रिप्लेसमेंट, पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स, डिफॉर्मिटी करेक्शन, रीजनरेटिव ऑर्थोपेडिक्स, ट्रॉमा रिकंस्ट्रक्शन और रिहैबिलिटेटिव केयर जैसी सेवाओं की एक इंटीग्रेटेड रेंज दी जाएगी. रोबोटिक घुटने और कूल्हे के रिप्लेसमेंट से लेकर मोशन-प्रिजर्विंग प्रोसीजर और नॉन-सर्जिकल रीजनरेटिव थेरेपी तक यहां मरीज की क्लिनिकल जरूरतों और लाइफस्टाइल के हिसाब से ट्रीटमेंट प्लान बनाने की भी सुविधा है.
मैरिंगो एशिया रोबोटिक सेंटर फॉर ऑर्थोपेडिक्स एंड जॉइंट केयर (मार्क) के चेयरमैन डॉ. हेमंत शर्मा ने कहा कि दशकों से सर्जरी की संख्या को हेल्थकेयर में सफलता का मानक माना जाता रहा है. मार्क में हम सफलता को इस बात से मापते हैं कि हमारे मरीज कितने अच्छे से ठीक होते हैं. यह सेंटर भारत और यूके में 30 वर्षों से ज्यादा की सीख को दिखाता है. यह इस विश्वास पर आधारित है कि सच्ची उत्कृष्टता तब हासिल होती है, जब करुणा के साथ सटीकता की ओर बढ़ा जाता है और टेक्नोलॉजी इंसान के फैसले की जगह नहीं लेती, बल्कि उसे मजबूत करती है.
यहां सीनियर कंसल्टेंट से लेकर स्पेशलिस्ट नर्स, फिजिशियन असिस्टेंट, प्रोसीजर स्टाफ और फिजियोथेरेपिस्ट तक, मार्क की एक टीम काम करेगी. इससे कोऑर्डिनेटेड केयर, क्लिनिकल सटीकता और सुरक्षित रिकवरी तीनों ही बेहतर तरीके से हो सकेंगी. गुरुग्राम में मार्क सेंटर अब मरीजों के लिए पूरी तरह तैयार है .
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