11 करोड़ साल पहले धरती पर रहता था ये जानवर, खुदाई के दौरान अचानक निकल आया, पेट के अंदर आंत भी मिली

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Dianasour Fossil Found: कनाडा में खनिकों को 11 करोड़ साल पुराना डायनासोर जीवाश्म मिला है, जो त्वचा, कवच और आंतों सहित लगभग पूरी तरह सुरक्षित है. ‘बोरियालोपेल्टा’ नामक यह नोडोसॉर अब तक का सबसे सुरक्षित संरक्षित डायनासोर माना जा रहा है.

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कनाडा में खोजा गया जीवाश्म. (FB/RoyalTyrrellMuseum)

कनाडा की खदानों में काम करने वाले खनिकों ने डायनासोर का ऐसा जीवाश्म खोजा है, जिसे वैज्ञानिक ‘जीवित ममी’ कह रहे हैं. यह खोज अब तक के सबसे सुरक्षित संरक्षित डायनासोर जीवाश्मों में से एक मानी जा रही है. इसमें न केवल त्वचा और कवच पूरी तरह सुरक्षित हैं, बल्कि आंत जैसे आंतरिक अंग भी संरक्षित अवस्था में पाए गए हैं, जिससे 11 करोड़ साल पुराने इस जीव के शरीररचना और जीवनशैली की अनोखी झलक मिलती है. यह जीवाश्म अल्बर्टा स्थित रॉयल टायरल म्यूजियम में रखा गया है.

वैज्ञानिकों ने बताया कि यह जीव नोडोसॉर (Nodosaur) परिवार का था. ये भारी-भरकम, कवचधारी शाकाहारी डायनासोर थे जो क्रेटेशियस युग में पृथ्वी पर घूमते थे. इसकी हालत इतनी बेहतरीन है कि विशेषज्ञों ने इसके मूल स्वरूप को पुनर्निर्मित कर लिया है, जिसमें त्वचा के पैटर्न और मुलायम ऊतक तक साफ दिखाई देते हैं. यह खोज पूरी तरह अचानक हुई. कनाडा के फोर्ट मैकमरे के पास सनकोर मिलेनियम माइन (Suncor Millennium Mine) में काम कर रहे मजदूर जब ड्रिलिंग कर रहे थे, तो उन्हें कोयले या चट्टान की बजाय यह जीवाश्म मिला.

कितना है डायनासोर का वजन?

रिपोर्टों के अनुसार, जीवाश्म में न केवल बाहरी त्वचा संरचना दिखाई दे रही है, बल्कि हड्डियाँ भी पूरी तरह जुड़ी हुई अवस्था में हैं. आंतरिक अंगों के अवशेष भी स्पष्ट हैं. जीवित अवस्था में यह डायनासोर लगभग 1,400 किलोग्राम वजन का रहा होगा, जबकि जीवाश्म स्वरूप में इसका वजन करीब 1,100 किलोग्राम है जो यह दिखाता है कि ये कितनी अच्छी तरह संरक्षित है.

कैसे बच गया जीवाश्म?

वैज्ञानिकों का मानना है कि यह डायनासोर किसी जलाशय के किनारे मरा और उसका शरीर समुद्र की तलहटी में जा बसा. वहां मौजूद खनिज तत्वों (Minerals) ने बहुत तेजी से इसके शरीर को ढक लिया, जिससे सड़न शुरू होने से पहले ही उसका बाहरी आवरण और अंदरूनी संरचना दोनों सुरक्षित रह गए. रॉयल टायरल म्यूजियम के पेलिओन्टोलॉजिस्ट डॉन हेंडरसन के अनुसार, ‘इस जीवाश्म में हड्डियों के साथ अब भी मुलायम ऊतक चिपके हुए हैं. यह डायनासोर की खोजों में लगभग असंभव स्थिति है.’ शोधकर्ताओं को इसके पेट के हिस्से में पूर्ण रूप से संरक्षित आंतें (intestines) मिली हैं, जो अब तक किसी भी नोडोसॉर में पहली बार देखी गई हैं. इससे वैज्ञानिकों को इस प्रजाति के पाचन तंत्र को समझने में बड़ी मदद मिली है.

Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने… और पढ़ें

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