दुबले-पतले लोगों को रात में नहीं खाना चाहिए चावल, जानें राइस खाने का आयुर्वेदिक नियम

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Rules For Eating Rice: चावल भारतीय थाली का एक अहम हिस्सा है. वैसे तो ये एक हेल्दी अनाज है, लेकिन यदि आप इसका सेवन अपने बॉडी टाइप के अनुसार नहीं करते हैं, तो इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में वात दोष वाले लोगों के लिए चावल खाने के क्या नियम है, चलिए जानते हैं.

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हर व्यक्ति के शरीर की प्रवृति अलग-अलग होती है. ऐसे में अच्छी सेहत के लिए जरूरी है कि इसी के आधार पर जीवनशैली की आदतों को चुना जाए. हालांकि आज के समय में शरीर की प्रवृत्ति के अनुसार आहार लेना मुश्किल है. यही कारण है कि गलत खान-पान की वजह से शरीर में रुखापन, पाचन अग्नि मंद और मधुमेह से लेकर थायराइड हर घर की समस्या बनती जा रही है, विशेषकर वात प्रवृत्ति वालों के लिए.

ऐसे में यह जान लेना ज्यादा जरूरी है कि वात प्रवृत्ति के लोगों को चावल का सेवन करना चाहिए या फिर नहीं. आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष का स्वभाव हल्का, ठंडा और रूखापन देने वाला होता है, जबकि चावल का स्वभाव स्वाद में मीठा, ठंडा और पाचन में आसान होता है. ऐसे में अगर कुछ नियमों के साथ चावल का सेवन किया जाए तो यह वात को शांत करने में मदद करेगा.

चावल के सेवन का नियम
वात प्रवृत्ति वाले लोगों को चावल का सेवन करने के लिए 1 साल पुराना चावल खाएं, क्योंकि चावल जितना पुराना होता है, उतना ही गुणों से भरपूर होता है. इसके साथ ही हमेशा गर्म और ताजा चावल ही खाएं. फ्रिज में रखा ठंडा और पुराना चावल वात को बढ़ा सकता है और पाचन की समस्या पैदा कर सकता हैय चावल का सेवन हमेशा घी के साथ करें. घी चिकनाई से भरा होता है और वात को शांत कर शरीर के रुखेपन को शांत करने में मदद करता है.

रात में चावल खाने से बचें
ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि चावल का सेवन हमेशा दोपहर के वक्त लंच में ही करें. इस वक्त पाचन अग्नि तेज होती है और तरह का खाना पचाने में समर्थ होती है.वात प्रवृत्ति वालों को रात के समय चावल खाने से परहेज करना चाहिए. रात के समय चावल का सेवन कफ और वात दोनों को असंतुलित कर सकता है.

इस बात का रखें ध्यान
वात प्रवृत्ति वालों को चावल के साथ दही का सेवन करने से बचना चाहिए. इससे शरीर में वात का असंतुलन पैदा होता है. कोशिश करें कि चावल को मूंग की दाल और एक चम्मच घी के साथ खाएं. इससे चावल और शरीर का शुष्कपन कम होगा.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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