ये दो नेता हैं नेपाल के युवाओं के लीडर्स, यंग में खासा असर, क्या वो संभालेंगे वहां की सत्ता

नेपाल जिस तरह से नाराज युवा सड़कों पर उतर आए और उनके विद्रोह से वहां की ओली सरकार थरथरा उठी, उसके नेता दो ऐसे युवा लीडर्स को माना जा रहा है, जिनकी इमेज बहुत बेदाग है, वो नेपाल के युवा आंदोलन का चेहरा माने जा रहे हैं. जिनकी ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी छवि युवाओं में खूब लोकप्रिय है. ये दो नेता बालेंद्र शाह बालेन और संस्था ‘हामी नेपाल’ के संस्थापक सुदन गुरुंग हैं.

इन दोनों ने अपनी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता से राजनीति में एक नई दिशा दी. बालेंद्र ने शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया तो सुदन ने युवाओं के अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर जोर दिया है. इन दोनों नेताओं का उभरना नेपाल के भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत है.

बालेंद्र शाह और सुदन गुरुंग

बालेंद्र शाह नेपाल में ‘बालेन’ के नाम से खास लोकप्रिय हैं. वह काठमांडू के युवा मेयर, स्वतंत्र युवा नेता, रैपर और इंजीनियर हैं. भ्रष्टाचार, पारंपरिक राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर बेबाक राय रखते हैं.युवाओं ने सोशल मीडिया पर उनसे देश का नेतृत्व संभालने की मांग की है; बालेन की लोकप्रियता पिछले 3 दिनों में और बढ़ गई है. टाइम मैगजीन और कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने युवा नेतृत्व के प्रतीक के रूप में इन्हें सराहा है.

दूसरे 36 वर्षीय सामाजिक संगठन ‘हामी नेपाल’ के संस्थापक सुदन गुरुंग हैं. उन्हें जेन-जी क्रांति और सोशल मीडिया विरोध आंदोलन को सेट करने, युवा नेटवर्क जोड़ने और रणनीति बनाने में मुख्य भूमिका के तौर पर माना जा रहा है. आंदोलन को दिशा देने और युवाओं को प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने का श्रेय इन्हें दिया जाता है.

नेपाल की राजनीति में असरदार तरीके से उभरे

ये दोनों नेपाल के दो प्रमुख युवा नेता हैं, जो हाल के वर्षों में नेपाल की राजनीति में अपनी पहचान बना चुके हैं. बालेन काठमांडू में पैदा हुए. पहले नेपाल में पढाई की और फिर उच्च शिक्षा के लिए विदेश गए. बालेन शाह ने राजनीति में आने से पहले इंजीनियर के रूप में भी काम किया. वे काठमांडू महानगरपालिका के मेयर पद के लिए चुनाव में उतरे थे. उनकी युवा नेतृत्व की छवि ने उन्हें खूब समर्थन दिलाया.

उनका मुख्य उद्देश्य काठमांडू शहर की अव्यवस्था, ट्रैफिक जाम, कचरा प्रबंधन और भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का समाधान करना था. मेयर के तौर पर उन्होंने स्मार्ट सिटी की अवधारणा को बढ़ावा दिया. डिजिटल सेवाओं के जरिए सरकारी कामों में पारदर्शिता लाने की कोशिश की.

सुदर गुरुंग क्या करते हैं

सुदन गुरुंग नेपाल के एक युवा नेता हैं, जो विशेष रूप से युवा अधिकारों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय रहते आए हैं. उन्होंने अपनी शिक्षा नेपाल और विदेश दोनों जगहों से हासिल की. उन्होंने नेपाल की राजनीति में युवा वर्ग के अधिकारों और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें की हैं. वे विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक आंदोलनों में सक्रिय रहे हैं. युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए काम किया है.

खासकर वो सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करके युवाओं को जागरूक करने और उनकी समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में सक्रिय रोल अदा किया.

दोनों के नेतृत्व का तरीका

बालेन ने युवाओं को यह संदेश दिया कि राजनीतिक बदलाव के लिए सिर्फ नारेबाजी नहीं, बल्कि ठोस योजना और व्यावहारिक सुधार जरूरी है. इसलिए उन्होंने स्मार्ट सिटी और डिजिटल प्रशासन की बात उठाई. बालेन सोशल मीडिया पर बहुत सक्रिय हैं. फेसबुक, ट्विटर और यूट्यूब पर युवाओं से सीधा संवाद करते हैं. उन्होंने पारदर्शिता की बात की और सरकारी कार्यों में भ्रष्टाचार को खत्म करने की पहल की. युवाओं को भी प्रशासन में भागीदार बनाया.

वहीं सुदन गुरुंग लगातार यह कहते हैं कि सरकार युवाओं के लिए ठोस योजनाएं बनाए और उनका पालन करे. वह युवाओं को सशक्त बनाने के लिए कई तरह के जन आंदोलनों और सामूहिक प्रोग्राम आयोजित करते हैं. वे युवाओं को संगठित करके उनकी आवाज को प्रभावी बनाते हैं. युवाओं को केवल वोट देने वाला नहीं, बल्कि नीति निर्माण का हिस्सा मानते हैं.

किसी सियासी दल में गए बगैर उभरे

बालेन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई को प्रमुख मुद्दा बनाया. उन्होंने साफ-सुथरी, त्वरित और जवाबदेह प्रशासन की वकालत की. उन्होंने युवाओं को यह दिखाया कि छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव ला सकते हैं.

उन्होंने पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग होकर खुद को ‘जन-नेता’ के रूप में स्थापित किया, जो आम जनता की बात सुनता है. इससे युवाओं में बहुत उत्साह और जुड़ाव बढ़ा.

सुदन सोशल मीडिया का असरदार उपयोग करते हैं

सुदन गुरुंग सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की समस्याओं को सामने लाते हैं. सरकार पर दबाव बनाते हैं. वे ऑनलाइन कैम्पेन, वर्कशॉप्स, वेबिनार और पब्लिक फोरम आयोजित कर युवाओं को जागरूक करते हैं. उन्होंने युवाओं के लिए नौकरी सृजन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने, शिक्षा के स्तर में सुधार और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स पर जोर दिया. सुदन गुरुंग मानते हैं कि केवल राजनीतिक बदलाव से नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण से ही युवाओं का भविष्य सुधरेगा.

युवाओं को ज्यादा सक्रिय कर रहे हैं

इन दोनों के प्रयासों से नेपाल में युवा राजनीति में पहले से ज्यादा सक्रिय हो रहे हैं. वे पुरानी राजनीतिक व्यवस्था से असंतुष्ट युवा पीढ़ी को सशक्त और संगठित कर रहे हैं.

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