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Satna News: डायटिशियन के मुताबिक, समय पर भोजन करने से शरीर को खाना पचाने के लिए पर्याप्त वक्त मिल जाता है. अगर भोजन का सही तरीके से पाचन नहीं होता है, तो उसके एंड प्रोडक्ट यानी पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते हैं.
सतना. सर्दियों का मौसम जहां ठंड और सुस्ती अपने साथ लाता है, वहीं इस दौरान की गई छोटी सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. खासतौर पर अगर आप रात का भोजन समय पर नहीं करते हैं, तो इसका असर केवल पेट तक सीमित नहीं रहता बल्कि नींद, वजन, शुगर लेवल और शरीर के कई अहम अंगों पर भी पड़ता है. बदलते मौसम के साथ शरीर की जरूरतें भी बदलती हैं. ऐसे में खानपान का समय और तरीका बेहद अहम हो जाता है. विशेषज्ञों की मानें तो सर्दियों में देर से डिनर करना कई गंभीर समस्याओं की वजह बन सकता है. लोकल 18 को जानकारी देते हुए मध्य प्रदेश के सतना की डायटिशियन ममता पांडे ने बताया कि सर्दियों में सूर्यास्त जल्दी हो जाता है और हमारा शरीर उसी के अनुसार काम करता है. शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है, सूर्य की रोशनी पर आधारित होती है. जैसे-जैसे अंधेरा होता है वैसे वैसे शरीर आराम की स्थिति में जाने लगता है. ऐसे में अगर हम देर रात भोजन करते हैं, तो यह शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया के खिलाफ होता है. सर्दियों में रात का भोजन 6 से 8 बजे के बीच कर लेना सबसे बेहतर माना जाता है.
डायटिशियन के अनुसार, समय पर भोजन करने से शरीर को खाना पचाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है. अगर भोजन सही तरीके से डाइजेस्ट नहीं होता, तो उसके एंड प्रोडक्ट यानी पोषक तत्व शरीर को नहीं मिल पाते. इससे कमजोरी, थकान और इम्युनिटी में कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. वहीं देर रात खाना खाने से इंसुलिन सेंसटिविटी भी प्रभावित होती है, जिससे शुगर लेवल बढ़ने का खतरा रहता है. बिना पचा भोजन बड़ी आंत में जाकर सड़न पैदा कर सकता है, जिससे गैस, ब्लोटिंग और पेट दर्द जैसी दिक्कतें बढ़ जाती हैं. उन्होंने आगे कहा कि लेट नाइट डिनर करने से नींद भी देर से आती है. जब हम सोते समय भोजन करते हैं, तो शरीर का पूरा ब्लड फ्लो पेट में भोजन पचाने में लग जाता है. इससे बाकी अंगों जैसे लिवर, किडनी और हार्ट को पर्याप्त रक्त संचार नहीं मिल पाता, जिससे उनके फंक्शन प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा जो कैलोरीज ठीक से उपयोग में नहीं आ पातीं, वो आगे जाकर फैट में बदल जाती हैं, जिससे वजन बढ़ने के साथ-साथ कई अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.
क्या खाएं और कैसे?
उन्होंने कहा कि सर्दियों में रात का भोजन हल्का और सुपाच्य होना चाहिए. शरीर को गर्म रखने और ऊर्जा देने के लिए दाल-चावल की खिचड़ी, मूंग दाल का सूप, चिकन सूप जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं. इसके अलावा हल्दी वाला एक गिलास गर्म दूध रात में भूख लगने पर फायदेमंद होता है. बादाम, अखरोट, तिल जैसे मेवे और बीज शरीर को अंदर से गर्मी देते हैं जबकि हरी सब्जियां और गुड़ भी सर्दियों में सेहत के लिए लाभकारी होते हैं. अगर सर्दियों में समय पर और संतुलित भोजन किया जाए, तो न सिर्फ पाचन बेहतर रहता है बल्कि नींद भी अच्छी आती है और शरीर पूरे दिन ऊर्जावान महसूस करता है. यही वजह है कि ठंड के मौसम में खानपान के समय को हल्के में न लें क्योंकि समय पर किया गया भोजन ही अच्छी सेहत की सबसे बड़ी कुंजी है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
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