दमोह में गुरुवार रात ‘जन आक्रोश रथ यात्रा’ पहुंची, जहां अलग बुंदेलखंड राज्य बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह यात्रा बुंदेलखंड के विकास और अलग राज्य के गठन की मांग को लेकर जनता के बीच जा रही है। बुंदेलखंड राज्य निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय के नेतृत्व में यह यात्रा 16 फरवरी से शुरू हुई है, जो 13 मार्च 2026 तक चलेगी। इसकी शुरुआत चित्रकूट से हुई है और समापन रामराजा सरकार की नगरी ओरछा में होगा। दमोह में कार्यकर्ताओं ने “याचना नहीं अब रण होगा” के नारे के साथ अपना संकल्प दोहराया। मशाल जुलूस और समर्थन यात्रा जब दमोह पहुंची, तो मोर्चा के सदस्यों ने स्थानीय वकीलों से मुलाकात की। शहर के अंबेडकर चौक से गांधी चौक तक मशाल जुलूस निकालकर अलग राज्य की मांग बुलंद की गई। पदाधिकारियों ने बताया कि अलग राज्य बनने से इस क्षेत्र का पिछड़ापन दूर होगा और स्थानीय लोगों को ज्यादा फायदे मिलेंगे। वादों और राजनीति पर सवाल इस दौरान नितिन मिश्रा ने कहा कि अलग बुंदेलखंड की मांग बरसों पुरानी है। उन्होंने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कई पार्टियां सत्ता में आने से पहले तो समर्थन करती हैं, लेकिन बाद में इस मुद्दे को भूल जाती हैं। दमोह में अपना संदेश देने के बाद यह रथ यात्रा सागर की ओर रवाना हो गई। प्रमुख साथियों की मौजूदगी इस आयोजन में रघुराज शर्मा, वरुण अग्रवाल, भगवान सिंह यादव, हनीफ खान, पंकज रावत और अंकित परिहार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और एकजुट होकर बुंदेलखंड राज्य के लिए अपनी आवाज उठाई। .