पेंट हाउस में नहीं लगा था फायर अलार्म: शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में खुलासा- शोरूम मालिक के फेफड़ों में घुसी कार्बन मोनो ऑक्साइड – Indore News

आग फैलने से बेडरूम में रखा पूरा सामान जलकर खाक हो गया।

इंदौर के स्कीम नंबर 78 में सौम्या महिंद्रा शोरूम के मालिक प्रवेश अग्रवाल की दम घुटने से मौत हो गई। उनके फेफड़ों में कार्बन मोनो ऑक्साइड पाई गई। सूत्रों के मुताबिक शार्ट पीएम रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।

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बड़ी बेटी सौम्या अस्पताल में भर्ती है। जबकि पत्नी श्वेता और छोटी बेटी मायरा प्रवेश अग्रवाल के बड़े भाई के यहां शिफ्ट हो गई है। शोरूम और घर को लॉक कर सिक्योरिटी गार्ड को बैठा दिया है।

जिस शोरूम के ऊपर पेंट हाउस बनाकर प्रवेश अग्रवाल अपने परिवार के साथ रह रहे थे। वहां तीन फ्लोर तक तो फायर अलार्म सिस्टम एक्टिव था। लेकिन उनके पेंट हाउस में यह सिस्टम नहीं लगा था। इसके चलते उन्हें हादसे की जानकारी नहीं लगी।

लसूड़िया टीआई तारेश सोनी के मुताबिक प्रवेश अग्रवाल की पीएम रिपोर्ट एक से दो दिन में डॉक्टरो ने पुलिस को देने की बात कही है। शुरूआती बातों में कार्बन मोनो आक्साइड फेफड़ों में उतरने के चलते उनकी जान चली गई।

डॉक्टरों ने बताया कि ज्यादातर आग लगने के दौरान घबराहट के समय इंसान जोर से सांसें लेना शुरू करता है। इस समय प्रवेश के साथ भी यही हुआ। जबकि इस दौरान इंसान को मुंह और नाक पर कपड़ा लगाकर रखना जरूरी है। ताकि धुआं या जहरीली गैस फेफड़ों तक नहीं पहुंचे।

प्रवेश की बड़ी बेटी सौम्या अभी भी बात करने की स्थिति में नहीं है। सुबह उसकी डॉक्टरों ने एमआरआई करवाई। वही उसे दोपहर में एनेस्थिसिया देकर आईसीयू में ही रखा गया। मां श्वेता अस्पताल में उसके ही साथ है। जबकि छोटी बेटी मायरा अपने अंकल कनेश अग्रवाल के ग्रीन व्यू स्थित घर पर है।

बड़ी बेटी बेहोश, पिता की मौत से बेखबर बड़ी बेटी सौम्या अभी भी अचेत है। पिता की मौत से वह बेखबर है। गुरुवार को अस्पताल में भर्ती करने के बाद कुछ देर के लिए उसे होश आया था, लेकिन धुएं में घिरने और आग लगने की घटना का दृश्य उसके सामने आ गया और उसको लेकर वह बेचैन होने लगी। तब उसे डॉक्टर ने इंजेक्शन देकर बेहोश किया।

इस बात की पुष्टि अग्रवाल के कर्मचारी अखिलेश सिंह तंवर ने की। तंवर ने कहा कि सौम्या की हालत रिकवर हो रही है। बेटी इतनी बड़ी घटना को सहन नहीं कर पा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सौम्या की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

प्रवेश अग्रवाल की पत्नी श्वेता और छोटी मायरा को कल ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। वे दोनों अब प्रवेश अग्रवाल के बड़े भाई लविश अग्रवाल के यहां शिफ्ट हो गई हैं। आगजनी की इस घटना में अग्रवाल के घर का पूरा सामान भी जलकर खाक हो गया था।

कांग्रेस नेता की दम घुटने से मौत हो गई।

तीन दिन के लिए बंद शोरूम, रविवार को खुलेगा शोरूम को प्रवेश की मौत के बाद तीन दिन के लिए बंद किया है। परिवार के आगरा, ग्वालियर और झांसी के सभी शोरूम इस दौरान बंद किए गए है।

शनिवार को प्रवेश के उठावने के बाद रविवार से ही इसे खोलने की बात परिवार ने की है। शोरूम के बाहर और अदंर सिक्योरिटी गार्ड तैनात है। आने जाने का रास्ता पुरी तरह से बंद किया गया है। यहां किसी को भी अदंर जाने की अनुमति नही है। बेसमेट,फर्स्ट और सेंकड फ्लोर पर फायर अलार्म सिस्टम प्रवेश अग्रवाल ने अपने शोरूम के तीन हिस्सों में फायर अलार्म सिस्टम को एक्टिव कराया हुआ था। लेकिन, सबसे ऊपर के दो हिस्से जहां उनका पेंट हाउस बना था। वहां सुरक्षा की दृष्टि से फायर सिस्टम नहीं लगा था। संभवत इसी के चलते दंपति और दोनों बेटियों को भनक तक नहीं लगी।

इसके अलावा सभी के कमरों में एसी लगने होने से कार्बन मोनो आक्साइड एसी से उनके कमरे तक भी पहुंची। जिसमें घुटन बढ़ गई। वही पेंट हाउस में दो ही दरवाजों पर डिजिटल सेंसर लॉक होने की बात सामने आई।

जबकि बालकनी में आने वाली जगहों पर एल्युमीनियम सेक्शन के दरवाजे लगे हुए थे।

20 मिनट की देरी बनी मौत की वजह एबी रोड स्थित कार शोरूम के पेंटहाउस में लगी आग कारोबारी प्रवेश अग्रवाल की जान ले गई। आग लगने के बाद उनकी पत्नी श्वेता और बेटी सौम्या को सुबह 5:39 बजे तक बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन प्रवेश 5:59 बजे मिले। धुएं और अंधेरे में उन्हें खोजने में करीब 20 मिनट लग गए। यही देरी उनके लिए जानलेवा साबित हुई। जब तक बाहर लाए गए, वे बेहोश हो चुके थे और सांसें थम चुकी थीं।

पूजा की अखंड ज्योत से लगी आग जांच में स्पष्ट हुआ कि आग शॉर्ट सर्किट से नहीं, बल्कि पूजा घर में जल रही अखंड ज्योत से फैली थी। जोन-2 डीसीपी कुमार प्रतीक के अनुसार, फारेंसिक टीम को तारों में कोई बिट फार्मेशन नहीं मिला। यानी तारों के पिघलकर चिपकने के निशान नहीं थे।

वहीं, टीआई तारेश सोनी ने बताया कि पेंटहाउस में फर्नीचर, कपड़े, प्लास्टिक और विनाइल के जलने से जहरीला धुआं फैला। घटनास्थल पर दो मरे हुए चूहे भी मिले, जो वहां बड़ी संख्या में मौजूद रहते थे।

परिवार गमगीन है। इसे लेकर अभी किसी तरह के बयान परिवार या अन्य सिक्योरिटी या कर्मचारी के नहीं लिए हैं। एक-दो दिन में कर्मचारियों से बात की जाएगी।

खिड़कियां बंद होने से नहीं निकल सका धुआं पूजा घर के पास सौम्या का कमरा और एक खाली रूम था। दोनों की पीछे की खिड़कियां एसी के कारण पूरी तरह बंद थीं। धुआं बाहर नहीं निकल सका और घर का ऊपरी हिस्सा गैस चैंबर बन गया।

परिवार के करीबी शैलेष गर्ग ने बताया कि बड़ी बेटी सौम्या वेंटिलेटर पर है। जहरीले धुएं से उसके खून में कार्बन पहुंच गया था, हालांकि डॉक्टरों के अनुसार उसने 24 घंटे में सुधार दिखाया है।

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