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Arandi Ke Fayde: जंगलों में पाए जाने वाले पौधों को लेकर हम लोग तरह-तरह की बातें करते हैं. लेकिन इसमें कुछ ऐसे औषधीय पौधे भी होते हैं. जो हमारे लिए काफी उपयोग होते हैं. इसी में ही अरंडी के पत्ता का उल्लेख भी मिलता है जो दर्द को दूर करने में काफी महत्वपूर्ण है.
प्राकृति द्वारा हमें विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे उपलब्ध कराए गए हैं. जिनमें विभिन्न प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं. जो विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर करने में काफी सक्षम होते हैं. कुछ इसी तरह का उल्लेख जंगलों में बड़ी संख्या में पाए जाने वाले अरंडी के पत्ते का भी सुनने को मिलता है. जिसे दर्द निवारक दवा के नाम पर भी जाना जाता है. ऐसे में लोकल-18 की टीम द्वारा आयुर्वेदिक पौधों के एक्सपर्ट चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बॉटनी विभाग के प्रोफेसर डॉ विजय मलिक से खास बातचीत की.

प्रोफेसर विजय मलिक ने लोकल -18 से खास बातचीत करते हुए बताया कि जंगलों में पाए जाने वाले अरंडी के फायदे का आयुर्वेद में काफी महत्व है. क्योंकि इसमें ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं. जो पुराने से पुराने दर्द को निकालने में भी सक्षम है. ऐसे में अगर कोई भी व्यक्ति दर्द से परेशान है. तो वह लगातार 7 दिन इसके पत्ते का उपयोग कर सकता है.

उन्होंने बताया कि अरंडी के पत्तों का उपयोग करने के लिए जिस स्थान पर आपके अत्यधिक दर्द है. उस स्थान पर आप अरंडी के पत्तों को रखने के पश्चात किसी कपड़े से अच्छी तरह से पत्तों को बांध सकते हैं. इसके लिए उन्होंने बताया कि सबसे पहले अरंडी के पत्तों को अच्छे से धोएं उसकेज्ञ पश्चात किसी तवे या अन्य माध्यम से उनको गर्म करने पर उसमें सरसों का तेल लगाकर आप संबंधित स्थान पर बांध सकते हैं. इससे दर्द से राहत मिलती है.

इसी तरह से उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति गठियां के दर्द से परेशान है या फिर दर्द काफी पुराना हो चुका है. उसका अभी तक निवारण नहीं हुआ है. तो ऐसे सभी लोग अरंडी के पत्ते के जो बीज होते हैं, उसके अंदर पाए जाने वाले तेल को निकालकर नियमित रूप से अपने दर्द वाले स्थान पर मालिश कर सकते हैं. उससे भी दर्द से काफी राहत मिलती है. क्योंकि इसके बीजों में महत्वपूर्ण औषधीय खजाना छुपा होता है. जो दर्द को दूर करने में काफी मदद करता है.

हल्दी भी एक एंटीबायोटिक के तौर पर काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है. ऐसे में अगर आप अरंडी के पत्तों को गर्म करने के पश्चात सरसों का तेल लगाने के साथ ही उस पर हल्दी का लेप भी लगाएं. तो इससे भी आपको राहत मिलेगी. क्योंकि हल्दी में भी दर्द को खींचने की ताकत होती है. ऐसे में दोनों की आयुर्वेदिक शक्तियों के माध्यम से आपको दर्द से काफी राहत मिलेगी. क्योंकि अरंडी के पत्ते में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं. जो दर्द और सूजन को भी को कम करने में काफी मदद करते हैं.

आयुर्वेदिक एक्स्पर्ट के अनुसार आप अरंडी के पत्तों का पेस्ट बनाकर भी जिस स्थान पर आपके त्वचा में किसी भी प्रकार की कोई समस्या हो रही है. तो उसे पर लगा सकते हैं. इससे आपकी त्वचा को भी काफी फायदा होगा. क्योंकि अरंडी के पत्तों को आयुर्वेद में काफी महत्वपूर्ण माना गया है,यह दर्द के साथ-साथ अन्य विभिन्न प्रकार की बीमारियों का भी समाधान करता है.

दरअसल अगर आप अरंडी के पत्तों का उपयोग कर रहे है. जल्द से जल्द दर्द से राहत चाहते हैं. तो ऐसे सभी लोग अरंडी के पत्तों को पीसकर दर्द वाली जगह पर लगा सकते हैं. उसके बाद 30 से 60 मिनट के तक लगा रहने दे. फिर उसे गर्म पानी से अच्छे से धो लें उसे तेज दर्द से राहत मिलती है. इसी के साथ ही अरंडी के पत्तों को तेल में मिलाकर गर्म करने से दर्द वाले स्थान पर मालिश करने से भी राहत मिलती है. इसके लिए आप 15 से 20 मिनट तक अरंडी के पत्तों को संबंधित स्थान पर ही छोड़ दें.

बताते चले कि आयुर्वेद में अरंडी का पत्ता काफी उपयोगी माना जाता है. लेकिन कुछ ऐसे लोग होते हैं, जिनकी त्वचा पर जल्दी जंगली पौधों का साइड इफेक्ट होने लगता है. इसमें अगर आपको भी अंरडी के पत्ते लगाने के बाद त्वचा में किसी प्रकार का कोई साइड इफेक्ट है. तो एक्सपर्ट से सलाह लेने की पश्चात इसका उपयोग करें. खास बात यह ध्यान रखें कि बिना पत्तों को धोए इसका उपयोग न करें.