शरीर के लिए जहर नहीं है शुगर ! कैंसर से बचाने में हो सकती है मददगार, नई स्टडी में हुआ खुलासा

Last Updated:

Glucose and T Cells Connection: एक नई रिसर्च में पाया गया है कि ग्लूकोज न केवल शरीर को एनर्जी देता है, बल्कि कैंसर से लड़ने वाली टी सेल्स की ताकत और कम्युनिकेशन सिस्टम को भी बढ़ाता है. इससे कैंसर सेल्स को मारने…और पढ़ें

शरीर के लिए जहर नहीं है शुगर ! कैंसर से बचाने में हो सकती है मददगार : स्टडीशरीर की टी सेल्स ग्लूकोज से मजबूत होती हैं और कैंसर सेल्स को मारने में सक्षम बनती हैं.
New Study on Glucose and Cancer: शरीर को एनर्जी देने के लिए खून में मौजूद ग्लूकोज (Glucose) फ्यूल का काम करता है. जब यह शरीर में पर्याप्त मात्रा में होता है, तब एनर्जी का लेवल भी हाई रहता है. एक नई स्टडी में पता चला है कि हमारे शरीर में पाया जाने वाला ग्लूकोज न सिर्फ एनर्जी देने का काम करता है, बल्कि कैंसर से लड़ने वाली टी सेल्स (T Cells) को भी मजबूती देता है. टी सेल्स शरीर में कैंसर से लड़ने वाली प्रतिरक्षा प्रणाली की एक खास सेल होती है. वैज्ञानिकों की मानें तो ग्लूकोज टी सेल्स को न केवल एनर्जी देता है, बल्कि उनके अंदरूनी कम्युनिकेशन सिस्टम को भी मजबूत करता है. इससे टी सेल्स मजबूत होकर कैंसर कोशिकाओं को बेहतर तरीके से मार सकती हैं. यह खोज कैंसर के ट्रीटमेंट को ज्यादा असरदार बना सकती है.

साइंस डेली की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के वैन एंडेल इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों को एक नई स्टडी में पता चला है कि टी सेल्स ग्लूकोज का इस्तेमाल सिर्फ एनर्जी लेने के लिए ही नहीं करती हैं, बल्कि इससे ये सेल्स मजबूत भी हो जाती हैं. टी सेल्स ग्लूकोज को खास प्रकार के बड़े अणुओं के निर्माण में लगाती हैं. इन अणुओं को ग्लाइकोस्फिंगोलिपिड्स (GSLs) कहा जाता है. ये अणु शुगर और फैट के मिश्रण से बनते हैं और टी सेल्स की वृद्धि और लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी होते हैं. ग्लाइकोस्फिंगोलिपिड्स टी सेल्स की सतह पर मौजूद फैट-रिच संरचनाओं के निर्माण में मदद करते हैं. ये लिपिड राफ्ट्स टी सेल्स के अंदरूनी संचार प्रोटीन्स को साथ लाकर मजबूत सिग्नल भेजते हैं, जो टी सेल्स को कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर उन्हें मारने का निर्देश देते हैं.
अगर शरीर में GSLs की कमी होती है, तो ये सिग्नल कमजोर हो जाते हैं और टी सेल्स कैंसर कोशिकाओं को ठीक से नहीं मार पाती हैं. टी सेल्स और कैंसर कोशिकाएं दोनों अपने-अपने कार्यों के लिए अलग-अलग पोषक तत्वों का उपयोग करती हैं. टी सेल्स की शक्ति और उनकी कैंसर से लड़ने की क्षमता बढ़ाने के लिए यह जानना जरूरी है कि वे किन-किन पोषक तत्वों का उपयोग करती हैं. यह जानकारी टी सेल्स को बेहतर सपोर्ट देने और कैंसर कोशिकाओं को कमजोर बनाने के नए तरीकों को विकसित करने में मदद कर सकती है.

वैज्ञानिक जोसेफ लोंगो के अनुसार टी सेल्स अपने वातावरण से बहुत प्रभावित होती हैं. ग्लूकोज उनके लिए सिर्फ एनर्जी का सोर्स नहीं है, बल्कि एक ऐसा निर्माण सामग्री भी है, जो उनके लड़ने की शक्ति को बढ़ाती हैं. यह खोज टी सेल्स की कार्यप्रणाली को समझने में एक नया आयाम जोड़ती है, जो भविष्य में कैंसर उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. इस अध्ययन का प्रकाशन सेल मेटाबॉलिज्म नामक प्रतिष्ठित जर्नल में हुआ है. इसमें वैज्ञानिकों ने यह दिखाया है कि कैसे ग्लूकोज टी सेल्स के अंदर जटिल प्रक्रियाओं को संचालित करता है, जिससे वे कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए ज्यादा प्रभावी बन जाती हैं.

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. …और पढ़ें

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. उन्हें प्रिंट और डिजिटल मीडिया में करीब 8 साल का अनुभव है. वे हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े टॉपिक पर स्टोरीज लिखते हैं. … और पढ़ें

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

शरीर के लिए जहर नहीं है शुगर ! कैंसर से बचाने में हो सकती है मददगार : स्टडी

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *