Meta Layoffs: टेक दुनिया की जानी मानी कंपनी Meta Platforms में एक बार फिर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की चर्चा तेज हो गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी अपने कुल वर्कफोर्स का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा कम कर सकती है. जिससे करीब 16,000 कर्मचारियों की नौकरी पर असर पड़ने की आशंका है.
बताया जा रहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ते खर्च को संतुलित करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है. साथ ही कंपनी भविष्य में ऐसी टीम तैयार करना चाहती है जो AI की मदद से ज्यादा प्रभावी और तेजी से काम कर सके. हालांकि, फिलहाल इस संभावित छंटनी को लेकर कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं की गई है……
संभावित छंटनी से हजारों कर्मचारियों पर संकट
कॉरपोरेट फाइलिंग के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी में करीब 79,000 लोग काम कर रहे थे. ऐसे में अगर कंपनी अपने वर्कफोर्स में लगभग 20 फीसदी की कटौती करती है, तो करीब 16,000 कर्मचारियों की नौकरी पर खतरा हो सकता है.
यदि यह योजना लागू होती है, तो इसे 2022–23 के दौरान की गई बड़े स्तर की रीस्ट्रक्चरिंग के बाद कंपनी की सबसे बड़ी छंटनी माना जाएगा. फिलहाल यह कदम संभावित माना जा रहा है और अंतिम फैसला सामने आना बाकी है.
कंपनी इससे पहले भी कर्मचारियों की बड़ी संख्या में छंटनी कर चुकी है. नवंबर 2022 में कंपनी ने लगभग 11,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था, जो उस समय उसकी कुल वर्कफोर्स का करीब 13 फीसदी हिस्सा था. अब एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की संभावनाओं को लेकर चर्चा हो रही है.
कंपनी AI पर लगा रही दांव
मेटा पिछले एक साल से एआई के क्षेत्र में आगे जाने की कोशिश कर रही है. कंपनी ने इसके लिए कई टॉप एआई रिसर्चर्स को अपनी सुपरइंटेलिजेंस टीम में शामिल किया है. जानकारी के अनुसार इन्हें अच्छा-खासा पैकेज ऑफर किया गया है.
जिससे कंपनी की आगे की दिशा के बारे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी एआई पर अपना दांव लगा रही है. साथ ही कंपनी 2028 तक डेटा सेंटर निर्माण के लिए करीब 600 अरब डॉलर खर्च करने की प्लानिंग भी बना रही है.
.