युवाओं में बढ़ रहा ‘फिक्टोसेक्सुअलिटी’ का ट्रेंड, फिजिकल होने के लिए चाहिए काल्पनिक किरदार

Physical Relationship With Fictional Characters: आज के दौर में रिश्तों की परिभाषा तेजी से बदल रही है. किसी रिश्ते की टाइमिंग, उसकी रफ्तार, फैसले और यहां तक कि उसका भविष्य सब कुछ अब इंसान के अपने हाथ में होना लोगों को ज्यादा सुकून देने लगा है. कई काल्पनिक किरदार ऐसे हैं जिन जैसा पार्टनर लोग असल जिंदगी में ढूंढते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो किसी इंसान की बजाय उन्हीं काल्पनिक किरदारों के साथ ही भावनात्मक जुड़ाव महसूस करने लगे हैं.

ह्यूमन फिजिकल रिलेशन से जुड़ा ऐसा ही एक ट्रेंड इन दिनों चर्चा में है, जिसे लेकर लोग हैरान भी हैं और थोड़ा चिंतित भी. बड़ी संख्या में लोग ऐसे सामने आ रहे हैं, जो किसी ऐसे किरदार से प्यार करने का दावा कर रहे हैं, जो असल में मौजूद ही नहीं है और कभी बदले में प्यार नहीं कर सकता। इन्हें ‘फिक्टोसेक्सुअल’ कहा जाता है. इनके लिए कल्पना सिर्फ दिमाग तक सीमित नहीं रहती, बल्कि दिल तक पहुंचकर गहरे इमोशनल और रोमांटिक रिश्ते का रूप ले लेती है.

फिक्टोसेक्सुअलिटी क्या है?

 थैरेपिस्ट और जेंडर स्पेशलिस्ट रेबेका माइनर के मुताबिक, फिक्टोसेक्सुअलिटी वह स्थिति है, जिसमें किसी व्यक्ति को काल्पनिक किरदारों से भावनात्मक, रोमांटिक या सेक्सुअलिटी अट्रैक्शन महसूस होता है, कई बार असली लोगों से भी ज्यादा. किताबें, फिल्में, टीवी शोज, वीडियो गेम्स या किसी भी तरह की फिक्शनल दुनिया इसकी वजह बन सकती है. ऐसे लोगों के लिए ये रिश्ते सिर्फ कल्पना नहीं होते, बल्कि बेहद सच्चे और गहराई से महसूस किए जाते हैं.

फिक्टोसेक्सुअल शब्द को अक्सर ‘एसेक्शुअल स्पेक्ट्रम’ के तहत एक माइक्रो लेबल माना जाता है. यह किसी की मुख्य पहचान भी हो सकती है या उनकी बड़ी सेक्सुअलिटी पहचान का एक हिस्सा भी, एक्सपर्ट का कहना है कि यह पहचान कल्पना, कहानी और भावनात्मक जुड़ाव की ताकत को दिखाती है और यह सवाल उठाती है कि आकर्षण को हम किस तरह परिभाषित करते हैं.

किस वजह से बढ़ रहा ट्रेंड?

इस ट्रेंड के बढ़ने की एक बड़ी वजह टेक्नोलॉजी भी है. फिक्शन अब सिर्फ किताबों और फिल्मों तक सीमित नहीं रहा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने इस दुनिया को और आगे बढ़ा दिया है. साल 2025 में AI चैटबॉट्स के साथ रिश्तों को लेकर कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं. किसी ने AI बॉयफ्रेंड के लिए शादी तोड़ दी, तो किसी ने पार्टनर को खोने के बाद AI में सहारा ढूंढा, यहां तक कि कुछ लोगों ने AI बॉट से शादी तक कर ली. फिक्टोसेक्सुअल लोगों के लिए ऐसे पार्टनर एक तरह की सुरक्षा का एहसास देते हैं, जो इंसान हमेशा नहीं दे पाते. 

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