रेत माफियाओं का आतंक, कार्रवाई करने गई टीम पर ही बोला हमला, जब्त ट्रैक्टर भी छुड़ा ले गए

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मध्य प्रदेश के सीधी जिले में रेत माफिया का हौसला इतना बुलंद हो गया है की कार्यवाही करने गई सोन घड़ियाल अभ्यारण टीम पर ही हमला कर तीन से अधिक कर्मचारियों को जख्मी दिया, ऐसे में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि प्रशासन पर माफिया संकट बन गए.टीम के द्वारा जब्त किए गए ट्रैक्टर को भी माफियों ने कब्जें से लेकर रफू चक्कर हो गए.

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रेत माफियाओं ने छुड़ाया जब्त किया हुआ ट्रैक्टर

Sidhi News: सीधी जिले में अवैध रेत खनन को लेकर एक बार फिर रेत माफियाओं के हौसले बुलंद दिखाई दिए, जहां बहरी थाना क्षेत्र के खुटेली गांव स्थित सोन नदी में अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची सोन घड़ियाल अभयारण्य की टीम पर माफियाओं ने हमला कर दिया. इस हमले में तीन से अधिक कर्मचारी घायल बताए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार सोन नदी में ट्रैक्टर के माध्यम से अवैध रूप से रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा था. सूचना मिलने पर सोन घड़ियाल की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेत से लोड ट्रैक्टर को जब्त कर लिया और उसे बहरी थाने लाया जा रहा था.

जब्त ट्रैक्टर को छुड़ाकर हो गए फरार
इसी दौरान रास्ते में बोलेरो वाहन से पहुंचे रेत माफियाओं ने टीम को रोक लिया और जब्त ट्रैक्टर को छुड़ाकर फरार हो गए. बताया जा रहा है कि इस दौरान माफियाओं ने टीम के कर्मचारियों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे तीन से अधिक कर्मचारी घायल हो गए. घटना के बाद घायल कर्मचारियों का उपचार कराया गया तथा मामले की शिकायत बहरी थाना में दर्ज कराई गई. सोन घड़ियाल टीम की शिकायत पर पुलिस ने दो नामजद आरोपी लवकेश उपाध्याय प्रभांशु पाठक सहित एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अवैध खनन से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच कार्यवाही तेज कर दी है.

इस मामले में सोन घड़ियाल अभ्यारण के SDO एसडीओ प्रमोद सिंह ने कहा कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और कर्मचारियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर रोक लगाने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा.

कानून व्यवस्थान पर खड़े हुए सवाल
बहरहाल सीधी जिले में सोन नदी और गोपद नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं. प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई के बावजूद माफिया सक्रिय बने हुए हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. फिलहाल बहरी थाना पुलिस पूरे मामले भले ही अपराध पंजीबद्ध कर लिया है, लेकिन अब तक हमला करने वाले रेत माफियाओं के खिलाफ गिरफ्तारी और आगे की कार्यवाही नहीं हो सकी है. ऐसे में पुलिस कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़ा होने लगा है कि जब भला सरकारी कर्मचारी सुरक्षित नहीं है तो आमजन माफिया से कैसे सुरक्षित हो सकेगा.

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