राजस्थान में सबसे ऊंची हनुमान प्रतिमा, पर्वत पर स्थापना: निर्माण के दौरान 3 साल सुंदरकांड, 30 किलोमीटर दूर से दिखेगी, सोने जैसा रंग चढ़ा – rajsamand (kankroli) News


राजस्थान में 131 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा ‘श्री श्रीजी के हनुमानजी’ बनकर तैयार है। दावा है कि ये देश की दूसरी सबसे ऊंची बजरंगबली की प्रतिमा है। इसे नाथद्वारा (राजससमंद) में दुनिया की सबसे ऊंची शिव प्रतिमा विश्वास स्वरूपम के सामने करीब 500 फीट की ऊंचाई पर गिरिराज पर्वत पर बनाया गया है। प्रतिमा की स्वर्ण चमक फीकी नहीं पड़े, इसके लिए थाइलैंड से कलर मंगवाया गया है। करीब 150 टन वजनी प्रतिमा के निर्माण में कोई परेशानी नहीं आए, इसके लिए 3 साल तक हर दिन सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। रामनवमी को प्रतिमा का लोकार्पण समारोह है। इसमें बड़ी संख्या में संत-महात्मा, श्रद्धालु शामिल होंगे। अब पढ़िए- श्री श्रीजी के हनुमानजी की विशाल प्रतिमा की खासियत गिरिराज पर्वत पर प्रणाम मुद्रा में बजरंगबली दक्षिणमुखी प्रतिमा प्रभु श्रीनाथजी और विश्वासरूपम प्रतिमा की ओर प्रणाम मुद्रा में तैयार की गई है। प्रतिमा की स्थापना का उद्देश्य स्वामी भक्ति को बताया गया है, इसी वजह बजरंगबली का मुख श्रीनाथ जी और शिव प्रतिमा की ओर है। माना जाता है कि प्रभु श्रीनाथजी जब ब्रज से मेवाड़ पधारे, तब सभी देवी-देवता भी श्रीजी की सेवा के लिए उनके साथ मेवाड़ आए, इसलिए हनुमानजी की प्रतिमा का नाथद्वारा में गिरिराज पर्वत पर स्थापना की गई। शास्त्रों के अनुसार- दक्षिणमुखी प्रतिमा तंत्र और भक्ति शास्त्र के अनुसार अत्यंत फलदायी और रक्षक मानी जाती है। हवा के तेज दबाव के बीच क्रेन खड़ी रखना भी असंभव था प्रतिमा का निर्माण विश्वास स्वरूपम बनाने वाले मूर्तिकार नरेश कुमावत ने किया है। गिरिराज पर्वत की 500 फीट ऊंचाई पर हनुमानजी के संपूर्ण स्वरूप को पहाड़ी पर विराजित किया गया। कुमावत का कहना है कि दुर्गम पहाड़ी के ऊपर हवा का दबाव इतना अधिक होता है कि क्रेन को खड़ी रखना भी करीब-करीब असंभव था। हर समय हादसे की आशंका बनी रहती थी। 131 फीट ऊंची यानी 13 मंजिला ऊंची इमारत प्रतिमा को मॉर्डन टेक्नोलॉजी और मजबूत संरचना के साथ तैयार किया गया। करीब 13 मंजिल जितनी ऊंची प्रतिमा का वजन 150 टन के करीब है। नाथद्वारा में ही भगवान शिव की 369 फीट ऊंची प्रतिमा है। इसे ‘विश्वास स्वरूपम’ कहा जाता है। शिव प्रतिमा का लोकार्पण तीन साल पहले किया गया था। अब इसके सामने ही हनुमान प्रतिमा स्थापित की गई है। कुमावत ने बनाईं 6 हजार से ज्यादा मूर्तियां हनुमान प्रतिमा के मूर्तिकार नरेश कुमावत देश- विदेश में 6 हजार से अधिक मूर्तियां बना चुके हैं। कनाडा में 14 से अधिक मूर्तियां विभिन्न मंदिरों में स्थापित हैं। जहां हनुमानजी से लेकर शिवजी की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं हैं। इसके अलावा उन्होंने न्यू पार्लियामेंट, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया और राम मंदिर में भी काम किया है। प्रतिमा निर्माण से जुड़े गिरीश रतिलाल शाह ने बताया-हनुमानजी की प्रतिमा निर्माण का उद्देश्य भावी पीढ़ियों को भक्ति, शौर्य और सेवा का संदेश देना है। यह प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनने के साथ ही नाथद्वारा में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगी। .

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