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MPPSC Result Success Story: सागर के गगन राज ने एमपीपीएससी की एकमात्र सीट पर असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर परिवार और पिता का नाम रोशन किया है. खास बात ये कि बेहद कम उम्र में उन्होंने ये उपलब्धि हासिल की. जानें सफलता की कहानी…
Sagar News: बुंदेलखंड के सागर में क्लर्क के बेटे ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर मां-बाप का नाम रोशन किया है. बेटे का रिजल्ट आने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. करीब 25 साल (24 साल 9 महीना और 15 दिन) की उम्र में यह उपलब्धि हासिल कर युवक ने सबको चौंका दिया है. गगन राज ने इस सफलता का श्रेय माता-पिता, यूनिवर्सिटी के शिक्षक और गुरु जनों को दिया है. एमपीपीएससी के तहत होने वाली इस भर्ती में म्यूजिक डिपार्टमेंट के लिए एकमात्र सीट थी और सागर के गगन में इस पर चयनित होकर कमाल कर दिया.
गगन राज बताते हैं कि उनके दादा देवी मां के भक्त थे. घर पर भी इसलिए संगीत से जुड़े कार्यक्रम होते रहते थे. इसी वजह से संगीत के प्रति उनमें रुचि जागी. पिता थान सिंह मंडल एमएलबी स्कूल में क्लर्क की पोस्ट पर हैं, लेकिन उन्होंने अपने बेटे को पढ़ाने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी. बेटे गगन ने भी पिता को कभी निराश नहीं किया. स्कूल शिक्षा से लेकर कॉलेज तक हमेशा अच्छे अंक हासिल किए. गगन ने 12वीं तक उत्कृष्ट माध्यमिक विद्यालय (एक्सीलेंस स्कूल) सागर से पढ़ाई की.
फिर ग्रेजुएशन करने के लिए डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय में एडमिशन लिया. म्यूजिक डिपार्मेंट से ग्रेजुएशन पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद साल 2022 में पीएचडी भी शुरू कर दी थी, जो अभी भी रनिंग में है. पोस्ट ग्रेजुएट होने के बाद ही साल 2022 में ही उन्होंने NET क्लियर कर लिया था. इस साल भी एमपीपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए लेकिन किन्हीं कर्म की वजह से पीछे रह गए थे अगली परीक्षा में शामिल होने उन्होंने और अधिक मेहनत की एमपी जीके पर फोकस बढ़ाया और इस बार परीक्षा में सफलता हासिल की.
चार महीने बाद मिलेगी पोस्टिंग
आगे बताया, संगीत के बच्चों को यह पेपर निकालना थोड़ा कठिन होता है. क्योंकि, उनका पूरा फोकस म्यूजिक पर होता है. लेकिन, परीक्षा पास करने के लिए या कोई भी पोस्ट पाने के लिए एमपी जीके का एक एग्जाम होता है, वह म्यूजिक के बच्चों के लिए मुश्किल भरा होता है. उसके लिए मैंने बहुत मेहनत की, तब जाकर एग्जाम निकल पाया. क्योंकि, म्यूजिक की पढ़ाई करने के साथ- साथ दूसरी चीजों को भी मैनेज करना पड़ा. गगन राज सागर शहर के सूबेदार वार्ड निवासी हैं. तीन बहनों में इकलौते भाई हैं. 4 महीने बाद इनको पोस्टिंग मिलेगी.
सिर गर्व से ऊंचा हो गया
बेटे के चयनित होने पर उनके पिता थान सिंह ने भी खुशी जताते हुए कहा, आज वर्षों की मेहनत सफल हो गई है. क्योंकि, जिस शिक्षा विभाग में क्लर्क हूं, उसी उच्च शिक्षा विभाग में मेरा असिस्टेंट प्रोफेसर बन गया है, जिसने हमारा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
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