साधारण डकार ने ले ली होती जान! 23 साल के युवक को थी ये खतरनाक बीमारी, 3 घंटे की सर्जरी के बाद बची जिंदगी

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Hiatus Hernia: पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर तारकेश्वर कुमार ने मोतिहारी से आये अफसर मियां का हियेटस हर्निया का सफल ऑपरेशन किया. 5 डॉक्टरों की टीम ने 3 घंटे की मेहनत से मरीज की जान बचाई.

हाइलाइट्स

  • पूर्णिया मेडिकल कॉलेज में हियेटस हार्निया का सफल ऑपरेशन हुआ
  • 5 डॉक्टरों की टीम ने 3 घंटे की मेहनत से मरीज की जान बचाई
  • हजारों में एक मरीज को होती है यह गंभीर बीमारी
विक्रम कुमार झा/पूर्णियाः पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज में पहली बार मोतिहारी से आये मरीज का इस गंभीर बीमारी का सफल ऑपरेशन किया गया. वही मेडिकल कॉलेज के एक्सपर्ट डॉक्टर तारकेश्वर कुमार ने अपने टीम के साथ इस बीमारी का करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत सफल ऑपरेशन कर मरीज की जान बचाई. यह बीमारी हजारों में एक लोगों में पाया जाता है. समय पर सटीक इलाज नहीं होने से लोगों की जान तक जा सकती है.

मोतिहारी से आये युवा मरीज ने सुनाई अपनी दर्द
मोतिहारी से आये 23 वर्षीय मरीज अफसर मियां बताते है की उनकी अच्छी खासी जिंदगी चल रही थी. लेकिन रोजाना डकार और एसिडीटी होने से उसे काफी दर्द होता है. परेशान होकर जमीन पर लेटता था. जिसके बाद उन्होंने अपना इलाज कराने मोतिहारी से लेकर पटना तक का सफर किया, लेकिन उसकी बीमारी किसी भी डॉक्टर की पकड़ से बाहर था. जिस कारण वो परेशान रहने लगा. किसी के कहने पर वो अपने भाई सहबाज के साथ पूर्णिया के राजकीय मेडिकल कॉलेज में आकर अपना जांच कर इलाज कराया. जबकि उन्होंने कहा कि पूर्णिया के मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं के डॉक्टर टीम के द्वारा बेस्ट ट्रीटमेंट वो भी पूरी तरह मुफ्त इलाज किया गया.

5 डॉक्टर की टीम, 3 घंटे कड़ी मशक्कत फिर बचाई जान
पूर्णिया के जीएमसीएच अस्पताल के सर्जरी एचओडी डॉ.तारकेश्वर कुमार कहते है की यह एक गंभीर बीमारियों में एक माना जाता है. हालांकि उन्होंने कहा कि यह बीमारी हजारों में सिर्फ एक लोगों में पाया जाता है. वहीं उन्होंने कहा कि मेडिकल भाषा में डायग्नोसिस के तौर पर हियेटस हर्निया (Hiatus Hernia) का बेस्ट ट्रीटमेंट Nissen Fundoplication के माध्यम ऑपरेशन कर जान बचाई. जबकि उन्होंने कहा यह ऑपरेशन मे पांच लोगों की टीम कड़ी मेहनत तकरीबन 3 घंटे तक चला ऑपरेशन सफल हुआ. डॉक्टर बताते हैं कि अगर कोई भी मरीज इस गंभीर बीमारियों का स समय इलाज नहीं करें तो उसकी जान भी जा सकती है.

Amit ranjan

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें

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