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घर की रसोई में रखी ये साधारण चीजें कई औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं. इनका इस्तेमाल सिर्फ खाने में स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुधार के लिए भी किया जा सकता है. चाहे पुरानी खांसी हो या सीने में जमे कफ की वजह से सांस लेने में परेशानी, इन घरेलू सामग्रियों के सही उपयोग से इन सभी समस्याओं से राहत मिल सकती है. आइए जानते है इसके फायदे…
खांसी में राहत पाने के लिए लौंग बेहद कारगर मानी जाती है. इसकी गर्म तासीर गले की जकड़न और खांसी को कम करने में मदद करती है. लौंग में मौजूद फ्लावोनॉएड्स और यूजेनॉल एंटीबैक्टीरियल और एंटीफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होते हैं, जो संक्रमण को कम करने में सहयोग करते हैं. इसका इस्तेमाल करने के लिए एक कप पानी में दो लौंग कूटकर उबालें और इसे चाय की तरह पिएं. नियमित सेवन से गले की खराश और छाती में जमा कफ धीरे-धीरे बाहर निकल जाता है.

खांसी में काली मिर्च गले की सूजन कम करने में बहुत मददगार होती है. इसे इस्तेमाल करने के लिए काली मिर्च को पीसकर देसी घी में मिलाकर सेवन किया जा सकता है. काली मिर्च में मौजूद एंटीबैक्टीरियल, एंटीफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण खांसी से राहत दिलाने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाते हैं.

सोंठ खांसी के इलाज में बेहद प्रभावी है. यह खांसी को कम करने और कफ निकालने में मदद करता है. इसका सेवन दो तरीकों से किया जा सकता है: पीसी हुई सोंठ को शहद के साथ खाने से खांसी में राहत मिलती है, या फिर सोंठ का काढ़ा बनाकर पीने से भी फायदा होता है. सोंठ में मौजूद एंटीफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण संक्रमण से लड़ने, गले की सूजन कम करने और श्वासनली को साफ रखने में सहायक होते हैं.

अजवाइन खांसी और कफ के इलाज में बहुत प्रभावी है. यह गर्म तासीर की होती है और गले की जकड़न को कम करने में मदद करती है. इसे चाय की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है: एक कप पानी में एक चम्मच अजवाइन उबालें, फिर छानकर उसमें एक चम्मच शहद मिलाएं और पीएं. इससे खांसी में राहत मिलती है, कफ पतला होता है और सांस लेने में आसानी होती है.

खांसी और जकड़न से परेशान लोग घर पर ही सरल काढ़ा तैयार कर सकते हैं. इसके लिए एक गिलास पानी में काली मिर्च, लौंग, अजवाइन, सोंठ, चुटकी भर हल्दी और जायफल का छोटा टुकड़ा डालकर अच्छे से उबालें. उबालने के बाद इसे छान लें और एक कप में शहद मिलाकर सेवन करें. इस प्राकृतिक काढ़े से गले को राहत मिलेगी, खांसी कम होगी और जकड़न भी दूर होगी. बच्चों को भी इसे आराम से पिलाया जा सकता है क्योंकि इसमें मौजूद गुण संक्रमण से लड़ने में मददगार हैं.
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