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Ber fal khane ke fayde: बेर फरवरी से अप्रैल में मिलने वाला फल है, जो बेहद सस्ता होता है, लेकिन इसे खाने के फायदे बहुत होते हैं. काफी लोग इसे बेकार सा फल समझ कर खाना पसंद नहीं करते हैं. स्वाद में मीठा, हल्का खट्टा बेर ढेरों पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें विटामिंस, मिनरल्स का खजाना होता है, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करता है. जानिए, बेर फल खाने के सेहत लाभ के बारे में यहां.
सर्दियों में मिलने वाले कई फलों में बेर का खास स्थान है. असल में बहुत लोग ये फल नहीं खाते क्योंकि उन्हें लगता है इनमें कीड़े होते हैं. लेकिन आजकल अच्छी क्वालिटी के फल आ रहे हैं और किसान बिना कीड़े वाले फल उगा रहे हैं. इसलिए अब हमें शक करने की जरूरत नहीं है. खासकर ये फल खाना हमारे लिए बहुत जरूरी है क्योंकि इनमें मौजूद बायोएक्टिव कंपाउंड्स, खासकर ट्राइटरपेनॉइड्स और फ्लेवोनॉइड्स, कैंसर को रोकने और बढ़ने से बचाने में मदद करते हैं. क्या सिर्फ यही वजह काफी नहीं है इन्हें खाने के लिए. कई वैज्ञानिक रिसर्च ने साबित किया है कि बेर से मिलने वाला अर्क कैंसर के खिलाफ असरदार है. ये आम एंटीऑक्सीडेंट फायदों से भी बढ़कर है.
एक और जरूरी बात है. अगर आप ये जानेंगे तो डायबिटीज के मरीज खुश हो जाएंगे. क्योंकि कुछ नई रिसर्च ने अच्छी खबर दी है. जब हम बेर खाते हैं तो उसका गूदा और रस होता है, वही इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाता है. मतलब, अगर हम बेर खाएं तो पैंक्रियास अच्छे से काम करता है और इंसुलिन ज्यादा बनता है. इससे आपको पता है क्या फायदा होता है, खून में शुगर लेवल काफी कम हो जाता है. इसलिए डायबिटीज वालों के लिए बेर बहुत फायदेमंद है. ये सिर्फ पाचन के लिए ही नहीं, बल्कि इंसुलिन मेटाबॉलिज्म पर भी अच्छा असर डालता है.
2022-2025 के बीच बेर फल पर कई रिसर्च हुई हैं. वैज्ञानिकों को लगा कि ये फल आम फलों जैसे नहीं, बल्कि सुपरफ्रूट्स जैसे हैं. हमारे पुराणों में भी बेर का जिक्र मिलता है. भोगी के दिन बच्चों के सिर पर बेर डाले जाते हैं. श्रीराम को भी शबरी ने बेर ही खिलाए थे. रिसर्च में पता चला है कि बेर का रस घाव जल्दी भरने में मदद करता है, कोलेजन बनाता है और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करता है. ये फल स्किन के घाव या सर्जरी के बाद जल्दी ठीक होने में फायदेमंद है.
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आजकल बहुत लोगों को फैटी लिवर की समस्या हो रही है. यकीन करें या न करें, डायबिटीज, बीपी, हार्ट की समस्याओं से ज्यादा लिवर की दिक्कतें बढ़ रही हैं. ये डॉक्टरों की बात है. लिवर की समस्या से बचने के लिए बेर फल खाना अच्छा विकल्प है. इनमें फाइटोकेमिकल्स होते हैं, जो लिवर की कोशिकाओं को बचाते हैं. ये लिवर को टॉक्सिन्स से भरने नहीं देते. लिवर को ऑक्सीडेटिव डैमेज से भी बचाते हैं. इन फलों में हेपाटोप्रोटेक्टिव गुण होते हैं, जिससे लिवर को बीमारियों से बचाया जा सकता है. ये सामान्य पोषक तत्वों के फायदों से अलग है.
हमारे बच्चों के लिए बेर बहुत अच्छे होते हैं. क्या आप जानते हैं बच्चों के सिर पर ये फल क्यों डाले जाते हैं? क्योंकि इन फलों का दिमाग से सीधा संबंध है. इस पर हुई रिसर्च में कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं. भूलने की बीमारी और अल्जाइमर जैसी दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियों को बेर काफी हद तक रोकते हैं. ये दिमाग की कोशिकाओं को सुरक्षित रखते हैं. बेर खाने से न्यूरोप्रोटेक्टिव असर मिलता है. ये याददाश्त और दिमागी ताकत को बढ़ाते हैं. इसलिए अगर हम बच्चों को रोज एक बड़ा बेर खिलाएं तो बहुत अच्छा रहेगा.
रामायण में भी शबरी जैसी बुजुर्गों के लिए बेर फल अमृत के बराबर माने जाते हैं. इसका कारण है कि इन फलों में एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व होते हैं. ये शरीर की गर्मी, दर्द, सूजन और जलन को कम करते हैं. बुजुर्गों को जोड़ों का दर्द, आर्थराइटिस और दूसरी सूजन से जुड़ी दिक्कतें होती हैं. बेर खाने से ये समस्याएं कम हो सकती हैं. अगर रोजाना ये फल खाएं तो लंबे समय से चल रही सूजन की दिक्कत भी कम हो सकती है. इम्युनिटी बढ़ाने के साथ-साथ ये एक और फायदा देता है.
द्राक्ष जैसे फल हमें ड्राईफ्रूट्स की तरह मिल जाते हैं, लेकिन बेर के फल इतने आसानी से नहीं मिलते. ये सिर्फ सीजन में ही ज्यादा मिलते हैं और ज्यादातर इस महीने के आखिर तक ही मिलते हैं. इसके बाद ताजे बेर के लिए हमें फिर नवंबर तक इंतजार करना पड़ता है. इसलिए जब भी ये मिलें, तब ही इन्हें खाना अच्छा है. वैज्ञानिक रिसर्च में पता चला है कि बेर के फल में एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं. यानी ये फल बैक्टीरिया और फंगल इंफेक्शन को रोकने में मदद करते हैं. मतलब ये फल नेचुरल एंटीबायोटिक की तरह काम करते हैं. ये इन फलों की खासियत है.
अगर आपको पता चले कि इन फलों से एक और बड़ा फायदा मिलता है, तो आप अभी जाकर ये फल खरीद लेंगे. दरअसल, ये फल दिल की बीमारियों का खतरा भी कम करते हैं. बेर का रस खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा घटाता है. इसे ही हाइपोलिपिडेमिक इफेक्ट कहते हैं, ऐसा रिसर्च में बताया गया है. जब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है, तब खून का बहाव सही तरीके से चलता है. इससे दिल को हर बार सही मात्रा में खून मिलता है, न ज्यादा न कम, बस जितना चाहिए उतना. इसी वजह से दिल सही से काम करता है. देखा आपने, आसानी से नजरअंदाज कर दिए जाने वाले बेर फलों में कितने फायदे छुपे हैं. चलिए, इसे खाते हैं.