छिंदवाड़ा के उमरेठ तहसील के सतनूर गांव में मोक्षधाम जाने वाले रास्ते को लेकर चल रहे जमीन विवाद के कारण एक महिला की अंतिम यात्रा दो दिन तक नहीं निकल सकी। दबंगों ने रास्ता अपनी निजी जमीन बताकर शव ले जाने से रोक दिया। रास्ता नहीं मिलने पर परिजन शव को घर
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परिजनों के अनुसार, 62 वर्षीय इंदिरा बाई पति स्व. झीनो मांडेकर का 31 दिसंबर की सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया था। परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार की तैयारी कर ली थी, लेकिन गांव के एक दबंग परिवार ने मोक्षधाम जाने वाले रास्ते को अपनी जमीन बताते हुए शव ले जाने से इनकार कर दिया।
सार्वजनिक रास्ता नहीं, घर में रखना पड़ा शव
गांव में मोक्षधाम तक पहुंचने के लिए कोई वैकल्पिक सार्वजनिक मार्ग नहीं है। इसी कारण बुधवार को अंतिम संस्कार नहीं हो सका। हालात गुरुवार तक जस के तस बने रहे और परिजन दो दिन तक शव घर में रखने को मजबूर रहे।
प्रशासन और पुलिस पहुंची, फिर भी नहीं माने दबंग
मामले की जानकारी मिलने पर उमरेठ तहसीलदार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची, लेकिन रास्ता रोकने वाला परिवार नहीं माना। इसके बाद परिजनों ने गांव के ही एक दूसरे निजी मार्ग से शव को मोक्षधाम ले जाने का निर्णय लिया।
31 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे, महिला की मौत के लगभग 31 घंटे बाद वैकल्पिक रास्ते से मोक्षधाम पहुंचकर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान गांव में तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हुई।
मृतका के बेटे रामदास मांडेकर ने कहा कि बुधवार सुबह मेरी मां की मौत हो गई थी, लेकिन गांव के दबंग अंतिम यात्रा अपनी जमीन से नहीं ले जाने दे रहे थे। इसी वजह से गुरुवार को अंतिम संस्कार करना पड़ा।
तहसीलदार बोलीं- मामला कोर्ट में विचाराधीन
उमरेठ तहसीलदार ज्योति ढोक ने बताया कि मोक्षधाम जाने वाले मार्ग का विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। सूचना मिलते ही टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दूसरे निजी रास्ते से महिला का अंतिम संस्कार कराया गया। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है।