बदलते मौसम में इन बीमारियों का बढ़ रहा खतरा, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, जानें डॉक्टर की सलाह

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Health Tips: बदलते मौसम में इम्यूनिटी कमजोर होने से सर्दी-खांसी और वायरल का खतरा बढ़ जाता है. आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार के अनुसार, दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें. तुलसी-अदरक-शहद, हल्दी वाला दूध, भाप और हल्का-गर्म भोजन फायदेमंद है. ठंडे पेय, तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचें. योग, प्राणायाम और पर्याप्त नींद से शरीर स्वस्थ रहता है.

ऋषिकेश: बदलता मौसम अपने साथ कई तरह की परेशानियां लेकर आता है. कभी तेज धूप, तो कभी अचानक ठंडी हवा और नमी शरीर के संतुलन को बिगाड़ देती है. तापमान और वातावरण में इस तरह के उतार-चढ़ाव का सीधा असर हमारी इम्यूनिटी पर पड़ता है. यही वजह है कि इस समय सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं. आयुर्वेद मानता है कि मौसम परिवर्तन के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, इसलिए इस समय थोड़ी सावधानी और सही दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी होता है. अगर समय रहते सही उपाय कर लिए जाएं, तो मौसमी बीमारियों से खुद को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकता है.

लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि आयुर्वेद के अनुसार बदलते मौसम में सबसे पहले खानपान और दिनचर्या पर ध्यान देना चाहिए. दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करना बेहद लाभकारी माना जाता है. यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. सुबह खाली पेट तुलसी के पत्ते, अदरक और शहद का सेवन इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होता है. तुलसी में एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण होते हैं, जो सर्दी और खांसी से बचाव करते हैं, वहीं अदरक शरीर को अंदर से गर्म रखता है.

हल्दी वाला दूध आयुर्वेद का एक पुराना और असरदार उपाय है. रात में सोने से पहले गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पीने से शरीर की सूजन कम होती है और इम्यून सिस्टम मजबूत बनता है. इसके अलावा भाप लेना भी बेहद फायदेमंद होता है, खासकर तब जब नाक बंद हो या गले में खराश महसूस हो रही हो. भाप लेने से सांस की नलियां साफ होती हैं और संक्रमण का खतरा कम हो जाता है.बदलते मौसम में संतुलित आहार लेना भी उतना ही जरूरी है. ताजा, हल्का और गर्म भोजन शरीर को जल्दी पचने में मदद करता है. हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें और सूप को अपने आहार में शामिल करना चाहिए. वहीं तले-भुने, ज्यादा मसालेदार और ठंडे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखना बेहतर होता है, क्योंकि ये पाचन को कमजोर करते हैं और सर्दी-जुकाम का कारण बन सकते हैं.

इसके साथ ही रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतों पर ध्यान देना भी जरूरी है. अक्सर लोग थोड़ी सी गर्मी लगते ही एकदम आधे कपड़े पहन लेते हैं, जो शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है. बदलते मौसम में शरीर को पूरी तरह ढककर रखना चाहिए, ताकि ठंडी हवा सीधे शरीर पर असर न करे. इसी तरह गर्मी या थकान लगने पर तुरंत ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक पीने से बचना चाहिए. अचानक ठंडा पेय लेने से गला और पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है, जिससे सर्दी और खांसी की समस्या बढ़ जाती है. बेहतर है कि सामान्य या हल्का गुनगुना पानी पिया जाए.

उन्होंने बताया कि आयुर्वेद यह भी मानता है कि पर्याप्त नींद और हल्का व्यायाम शरीर को मौसम के अनुसार ढलने में मदद करता है. रोजाना योग, प्राणायाम और हल्की वॉक करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है. मानसिक तनाव से दूर रहना भी जरूरी है, क्योंकि तनाव इम्यूनिटी को कमजोर करता है.

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Lalit Bhatt

पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

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