How To Reduce Heart Disease Risk: आजकल बीमारियों का प्रकोप इतना ज्यादा बढ़ गया है कि लोग इनसे बचने में भी बेबस नजर आने लगे हैं. अमीर हो या गरीब, हर किसी पर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है. क्या आपने कभी सोचा है कि बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका क्या हो सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आप अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करके कई बीमारियों का खतरा 50% तक कम कर सकते हैं. दरअसल हार्ट डिजीज, डायबिटीज, बीपी समेत कई समस्याएं लाइफस्टाइल से जुड़ी होती हैं और वक्त रहते सही कदम उठाए जाएं, तो इनसे बचाव हो सकता है. अमेरिका के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संजय भोजराज के अनुसार लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से लड़ने के लिए कोई महंगी दवा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की शारीरिक हलचल (Physical Movement) सबसे कारगर उपाय है.
कैसे घटता है बीमारियों का खतरा?
डॉ. भोजराज के अनुसार नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और एरोबिक एक्सरसाइज करने से दिल की बीमारियां, डायबिटीज और मानसिक रोगों का जोखिम करीब आधा हो सकता है. यह एक ऐसा फायदा है, जो कोई दवा नहीं दे सकती. मूवमेंट हमारे शरीर की कोशिकाओं के माइटोकॉन्ड्रिया को ऑक्सीजन और सूरज की रोशनी से क्रियाशील बनाता है. यह हमारे शरीर की प्राकृतिक हीलिंग क्षमता को सक्रिय करता है और लंबे जीवन के लिए आधार तैयार करता है.
चलना सबसे आसान और असरदार तरीका
अमेरिकी कार्डियोलॉजिस्ट कहते हैं कि दिल की सेहत को ठीक रखने के लिए सबसे सस्ता, सरल और असरदार उपाय चलना (Walk) है. रोज 20 से 30 मिनट की वॉक या 10,000 कदम चलना भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है, ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है और दिल की धड़कनों को संतुलित रखता है. अध्ययनों के अनुसार रोज चलने से दिल की बीमारियों का जोखिम लगभग 50% तक कम हो सकता है. इसके लिए किसी महंगे जिम या इक्विपमेंट की जरूरत नहीं है.
मूवमेंट और मेंटल हेल्थ का गहरा कनेक्शन
मूवमेंट सिर्फ शरीर के लिए नहीं, बल्कि दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है. यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कॉर्टिसोल को कम करता है, जो ज्यादा होने पर दिल और दिमाग दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है. नियमित मूवमेंट से मूड सुधरता है, एंजायटी और डिप्रेशन से राहत मिलती है और याददाश्त बेहतर होती है. धीरे चलना या इनएक्टिव लाइफस्टाइल डिप्रेशन, भूलने की बीमारी और मानसिक थकावट को बढ़ावा देती है.
हर उम्र के लोगों के लिए मूवमेंट जरूरी
डॉ. भोजराज के अनुसार मूवमेंट किसी उम्र या फिटनेस लेवल तक सीमित नहीं है. चाहे वह तेज चलना हो, योग, तैराकी या हल्की कसरत हो. कोई भी गतिविधि चलेगी, लेकिन आपको निरंतरता फॉलो करनी होगी. अगर आप स्वस्थ उम्र चाहते हैं, तो शुरुआत दवा से नहीं, अपने शरीर की हलचल से करें. यह कोई हैक नहीं, बल्कि शरीर की प्राकृतिक मरम्मत प्रणाली का हिस्सा है. लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन का राज आपके अपने स्टेप्स में छिपा है. दवाओं की बजाय शरीर की ताकत को जगाना, मूवमेंट को रोजमर्रा का हिस्सा बनाना और जीवनशैली को संतुलित रखना ही असली इलाज है.