गर्मी में बढ़ता है अगलगी का खतरा…चूल्हे की चिंगारी हो या शॉर्ट सर्किट, ये हैं आसान उपाय

सीतामढ़ी. बढ़ती गर्मी के साथ ही अगलगी की घटनाओं में भी तेजी आने लगती है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग बेहद सतर्क है. जिला अग्निशमन पदाधिकारी अमृतांशु ने बताया कि मार्च से मई तक अग्नि शमन काल यानी अग्नि सुरक्षा माह मनाया जा रहा है. इस विशेष अभियान के तहत जिले भर में सुरक्षात्मक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं. जनवरी से अब तक जिले में लगभग 1400 मॉक ड्रिल आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें से 900 से अधिक मॉक ड्रिल केवल ग्रामीण क्षेत्रों में की गई हैं.

इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को आग लगने के तात्कालिक कारणों से अवगत कराना और उन्हें संकट के समय बचाव के व्यावहारिक तरीकों का प्रशिक्षण देना है, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके.

आग लगने के प्रमुख कारण: शहर बनाम गांव
अधिकारी ने बताया कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में आग लगने की प्रकृति अलग होती है. ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर खाना पकाने के बाद चूल्हे से निकली छोटी सी चिंगारी विकराल रूप ले लेती है, जो फूस के घरों और खलिहानों के लिए खतरा बन जाती है. वहीं, शहरी क्षेत्रों में आधुनिक जीवनशैली और बिजली पर अधिक निर्भरता के कारण शॉर्ट सर्किट आग लगने का सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आया है.

इसके अलावा, गैस चूल्हे का गलत उपयोग और बिजली के उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही भी शहरी इलाकों में बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता देती है. इन दोनों ही क्षेत्रों में मानवीय भूल और असावधानी आग फैलने का मुख्य कारण पाई गई है.

ग्रामीण सुरक्षा: चूल्हे की आग पर रखें पैनी नजर
ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करते हुए पदाधिकारी ने कहा कि खाना बनाने के तुरंत बाद चूल्हे की आग को पानी डालकर पूरी तरह बुझा देना चाहिए. सुरक्षा के लिहाज से चूल्हे के पास हमेशा पानी से भरी कम से कम एक बाल्टी तैयार रखनी चाहिए. एक अन्य पारंपरिक और प्रभावी उपाय यह है कि चूल्हे के आसपास की जगह पर मिट्टी का लेप लगाकर रखा जाए, जिससे चिंगारी फैलने का खतरा कम हो जाता है.

ये छोटी-छोटी सावधानियां विशेषकर दोपहर के समय, जब हवाएं तेज चलती हैं, बड़े अग्निकांडों को रोकने में मदद करती हैं. ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे आग को कभी भी लावारिस न छोड़ें.

शहरी बचाव: गैस और बिजली उपकरणों की ऐसे करें सुरक्षा
शहरी निवासियों के लिए गैस और बिजली सुरक्षा को लेकर सुझाव दिए गए हैं. रसोई में गैस चूल्हे के पास हमेशा एक गीला सूती कपड़ा तैयार रखना चाहिए. यदि दुर्भाग्यवश गैस रिसाव से आग लग जाती है, तो गीले कपड़े को झटके से आग पर डालना चाहिए. यह प्रक्रिया आग को मिलने वाली ऑक्सीजन की सप्लाई को तुरंत रोक देती है, जिससे आग बुझ जाती है.

इसके साथ ही बिजली के उपकरणों की नियमित जांच और गैस पाइपलाइन की समय-समय पर सर्विसिंग कराना जरूरी है. अंत में अधिकारी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्कता ही सुरक्षा है के मंत्र को अपनाएं और अपनी छोटी-छोटी आदतों में सुधार कर समाज को अग्नि-मुक्त बनाने में सहयोग दें.

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