भारत की ओर क्यों बढ़ रहा दक्षिण अफ्रीका की नेवी का जहाज? दुश्मनी नहीं, ‘मिलन’ है इसका असली जवाब

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दक्षिण अफ्रीकी नौसेना का युद्धपोत एसएएस अमाटोला भारत के लिए रवाना हो गया है, जहां वह 2026 की अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा और अभ्यास मिलन में हिस्सा लेगा. इस मिशन को दक्षिण अफ्रीका की समुद्री रणनीति के लिए अहम माना जा रहा है.

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दक्षिण अफ्रीकी नौसेना का जहाज भारत की ओर बढ़ रहा है.

जोहानिसबर्ग: दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच रक्षा और समुद्री सहयोग को एक नया आयाम मिलने जा रहा है. दक्षिण अफ्रीकी नौसेना का युद्धपोत SAS Amatola (अमाटोला) भारत के लिए रवाना हो चुका है. यह युद्धपोत भारतीय नौसेना की ओर से आयोजित वर्ष 2026 की अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा और अभ्यास ‘मिलन’ में दक्षिण अफ्रीका का प्रतिनिधित्व करेगा. जोहानिसबर्ग से जारी जानकारी के अनुसार, जहाज के रवाना होने के बाद दक्षिण अफ्रीकी नौसेना ने इस मिशन को कई मायनों में खास बताया है.

नौसेना का कहना है कि SAS Amatola की भारत यात्रा सिर्फ एक औपचारिक भागीदारी नहीं है, बल्कि यह दक्षिण अफ्रीका की व्यापक समुद्री रणनीति का अहम हिस्सा है. दक्षिण अफ्रीकी नौसेना के मुताबिक, यह मिशन हिंद महासागर क्षेत्र में बहुपक्षीय नौसैनिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इससे इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, आपसी समन्वय और साझेदारी को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी. साथ ही, यह मिशन लंबे समय बाद दूर-दराज के अभियानों में दक्षिण अफ्रीकी नौसेना की सक्रिय वापसी को भी दिखाता है.

कई देश अभ्यास में लेंगे हिस्सा

नौसेना ने यह भी कहा कि इस मिशन की योजना काफी समय से तैयार की जा रही थी और इसे पेशेवर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है. इससे यह संदेश जाता है कि दक्षिण अफ्रीका भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है. भारत में होने वाली अंतरराष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा और अभ्यास मिलन को एक बड़े बहुराष्ट्रीय नौसैनिक आयोजन के तौर पर देखा जाता है. इसमें दुनिया के कई देशों की नौसेनाएं हिस्सा लेती हैं. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आपसी तालमेल बढ़ाना, समुद्री सुरक्षा पर साझा रणनीति बनाना और भागीदार देशों के बीच रणनीतिक संवाद को मजबूत करना है.

अभ्यास मिलन के दौरान हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और सहयोग की साझा जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है. ऐसे अभ्यासों से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाती है कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और किसी भी चुनौती से मिलकर निपटा जा सके.

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Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

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भारत की ओर क्यों आ रही दक्षिण अफ्रीका की नेवी? दुश्मनी नहीं मिलन है जवाब

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