खांसी और सीने में दर्द का इलाज कराने गया शख्स, CHC कर्मियों ने लगा दी एंटी रेबीज वैक्सीन ! क्या इससे नुकसान होगा?

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Rabies Vaccine Misuse in Bihar: बिहार से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मोतिहारी जिले के संग्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक शख्स खांसी और सीने के दर्द की दवा लेने गया था. हालांकि वहां भयंकर लापरवाही का आलम देखने को मिला और स्वास्थ्य कर्मियों ने कथित तौर पर उसे एंटी रेबीज वैक्सीन लगा दी. अब यह मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अब सवाल है कि क्या बिना जरूरत के यह वैक्सीन लगाने से सेहत को खतरा हो सकता है?

डॉक्टर के अनुसार बिना वजह एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगानी चाहिए.

Anti-Rabies Vaccine Misuse: बिहार से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां एक शख्स खांसी और सीने के दर्द का इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था. वहां स्वास्थ्य कर्मियों ने लापरवाही की हदें पार कर दीं और उस शख्स को बिना जरूरत के एंटी रेबीज वैक्सीन लगवा दी. इतना ही नहीं, वैक्सीन की अगली डोज की तारीख भी पर्च पर लिख दी. यह मामला मोतिहारी जिले के संग्रामपुर सीएचसी का बताया जा रहा है. अब सोशल मीडिया पर यह मामला खूब वायरल हो गया है और लोग सिस्टम को लेकर सवाल उठा रहे हैं. सवाल है कि अगर बिना जरूरत के किसी व्यक्ति को एंटी रेबीज वैक्सीन लगा दी जाए, तो क्या इससे सेहत के लिए खतरे पैदा हो सकते हैं? इसका जवाब डॉक्टर से जानने की कोशिश करते हैं.

लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी मेडिसिन के डायरेक्टर डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया कि किसी मरीज को खांसी और सीने का दर्द होने पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाना बिल्कुल गलत है. यह तो मरीज के साथ खिलवाड़ है. ऐसा करना किसी भी व्यक्ति के लिए ठीक नहीं है. एंटी रेबीज वैक्सीन तब लगाई जाती है, जब किसी को कुत्ता, बिल्ली, बंदर, चमगादड़ या कोई जंगली जानवर काट ले. इन जानवरों के काटने से जानलेवा रेबीज इंफेक्शन हो सकता है और इससे बचाने के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है. किसी भी अन्य बीमारी में इस वैक्सीन को लगाने का कोई मतलब ही नहीं है.

बिना जरूरत के एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए?

डॉक्टर लोकेंद्र ने बताया कि आमतौर पर एंटी रेबीज वैक्सीन तभी लगाई जाती है, जब किसी व्यक्ति को कुत्ता या अन्य रेबीज संक्रमण फैलाने वाला जानवर काट ले. हालांकि जो लोग हर वक्त कुत्तों के आसपास रहते हैं या डॉग हैंडलर का काम करते हैं, उनके लिए प्री एक्सपोजर वैक्सीन के तौर पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है. वेटेरनरी डॉक्टर्स भी इस वैक्सीन को पहले लेते हैं. इसके अलावा आम लोगों को वैक्सीन तभी लगाई जाती है, जब उन्हें कुत्ता, बिल्ली या बंदर काट ले. बिना जरूरत के आम लोगों को वैक्सीन नहीं लगाई जाती है. जरूरत के अनुसार डॉक्टर यह वैक्सीन देते हैं.

क्या बिना वजह यह वैक्सीन सेहत के लिए खतरनाक है?

एक्सपर्ट ने बताया कि एंटी रेबीज वैक्सीन का आमतौर पर कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है. अगर कोई व्यक्ति प्रिकॉशनरी कॉज के तौर पर भी यह वैक्सीन लगवाना चाहता है, तो इससे कोई नुकसान नहीं है. रेयर मामलों में ही इसके साइड इफेक्ट देखने को मिलते हैं. हालांकि अगर व्यक्ति को खांसी, सीने में दर्द, बुखार या अन्य किसी भी तरह की बीमारी है, तब इस वैक्सीन को लेने का कोई मतलब नहीं है. लोगों को इस वैक्सीन से डरना नहीं चाहिए, लेकिन जरूरत पड़ने पर ही लगवानी चाहिए. बिना वजह वैक्सीन लगवाने से कोई फायदा नहीं होता है. इसे लेकर सावधानी बरतनी चाहिए.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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बिहार में खांसी का इलाज कराने गया शख्स, CHC वालों ने लगा दी एंटी रेबीज वैक्सीन

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