22 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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भारतीय व्यंजनों में सदियों से बीन्स का इस्तेमाल होता रहा है। ये न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि सेहत के लिए भी किसी खजाने से कम नहीं हैं।
प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम समेत कई अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर ये छोटे-छोटे बीन्स हमें कई तरह की बीमारियों से बचाते हैं। चाहे वह राजमा हो, चने हों या फिर मूंग, हरेक बीन्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं।
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम डाइट में बीन्स शामिल करने के फायदों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- किस बीन्स में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
- बीन्स को डाइट में शामिल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ
सवाल- डाइट में बीन्स क्यों शामिल करना चाहिए?
जवाब- बीन्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का एक बेहतरीन सोर्स होते हैं। ये मसल्स बिल्डिंग, टिश्यू रिकवरी और शरीर के सही कामकाज के लिए जरूरी है। इनमें फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जोकि पाचन तंत्र को हेल्दी रखता है। यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
बीन्स में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मददगार है। साथ ही इनमें पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और हार्ट डिजीज के रिस्क को कम करने में मदद करते हैं।
बीन्स का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) कम होता है, जिसका मतलब है कि ये धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने से रोकते हैं। इसलिए यह डायबिटिक लोगों के लिए भी फायदेमंद है।
सवाल- भारत में पाई जाने वाली बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू और उनके हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं?
जवाब- भारत में कई तरह के बीन्स पाए जाते हैं। हर बीन की न्यूट्रिशनल वैल्यू और उसके हेल्थ बेनिफिट्स अलग-अलग होते हैं। आइए एक-एक करके हरेक बीन की क्वालिटीज के बारे में जानते हैं।
राजमा
राजमा प्रोटीन और डाइटरी फाइबर का पावरहाउस है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फोलेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो खून की कमी को दूर करने और हार्ट को हेल्दी रखने में मददगार हैं।

राजमा के हेल्थ बेनिफिट्स
- राजमा में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करता है। इससे हार्ट हेल्दी रहता है।
- इसका कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स डायबिटिक लोगों में ब्लड शुगर लेवल को स्थिर रखने में मददगार होता है।
- यह आयरन का एक अच्छा सोर्स है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन लेवल को बनाए रखने और एनर्जी बढ़ाने में मदद करता है।
- राजमा में मौजूद प्रोटीन और फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। हालांकि इसके लिए फिजिकल एक्टिविटीज करना भी जरूरी है।
मसूर दाल
मसूर दाल में भरपूर प्रोटीन, आयरन और फॉस्फोरस होता है। इसमें फोलेट और मैग्नीशियम भी मौजूद होते हैं, जो इसे पौष्टिक विकल्प बनाते हैं।

मसूर दाल के हेल्थ बेनिफिट्स
- इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को हेल्दी बनाए रखने में मदद करता है।
- पोटेशियम, फोलेट और मैग्नीशियम से भरपूर होने के कारण ये हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद है।
- शाकाहारियों के लिए ये प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स है, जो मसल्स बिल्डिंग और रिकवरी के लिए जरूरी है।
काला चना
काले चने में कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक पर्याप्त मात्रा में होते हैं। साथ ही इसमें प्रोटीन और फाइबर भी अच्छा खासा पाया जाता है। नीचे दिए ग्राफिक से इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए-

काले चने के हेल्थ बेनिफिट्स
- काले चने कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस का अच्छा सोर्स हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।
- इसमें पोटेशियम और फाइबर होता है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है।
- काले चने में मौजूद एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं।
- इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो खून की कमी को पूरा करने में मदद करती है।
मूंग
मूंग में प्रोटीन, पोटेशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है। इसमें फोलेट और विटामिन B समूह भी मौजूद होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए-

मूंग के हेल्थ बेनिफिट्स
- मूंग दाल बहुत हल्की होती है और आसानी से पच जाती है।
- आयुर्वेद में माना जाता है कि मूंग की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को गर्मी से राहत देने में मदद करती है।
- यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है।
काबुली चना
काबुली चने में प्रोटीन और फाइबर प्रमुख न्यूट्रिएंट्स हैं। इसमें कैल्शियम, आयरन और फॉस्फोरस भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू समझिए-

काबुली चना के हेल्थ बेनिफिट्स
- इसमें घुलनशील फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करके हार्ट डिजीज के खतरे को कम करता है।
- ये प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पेट को भरा रखते हैं और ज्यादा खाने से रोकते हैं।
- कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स से भरपूर होने के कारण ये बोन हेल्थ के लिए जरूरी है।
सेम
सेम में आयरन, पोटेशियम और मैग्नीशियम होता है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन और डाइटरी फाइबर भी मौजूद होते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सेम के हेल्थ बेनिफिट्स
- सेम आयरन का एक अच्छा सोर्स है, जो शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए जरूरी है।
- यह पोटेशियम से भरपूर होती है, जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करती है।
- सेम में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन को बेहतर बनाती है।
- यह शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का एक और अच्छा सोर्स है।
- इसमें मौजूद फाइबर और पोटेशियम हार्ट को हेल्दी रखने में मदद करते हैं।
लोबिया
लोबिया में प्रमुख रूप से फोलेट, आयरन और प्रोटीन पाया जाता है। इसमें डाइटरी फाइबर और मैग्नीशियम भी पर्याप्त मात्रा में होते हैं।

लोबिया के हेल्थ बेनिफिट्स
- लोबिया फोलेट से भरपूर होती है, जो प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चे के विकास के लिए बहुत जरूरी है।
- इसमें विटामिन A होता है, जो आंखों की हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करता है।
- लोबिया में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखता है और कब्ज से बचाता है।
- यह एनर्जी का अच्छा सोर्स है, जो फिजिकली एक्टिव रहने में मदद करता है।

सवाल- खाने में बीन्स शामिल करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब- जवाब- बीन्स प्रोटीन, फाइबर और कई पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। लेकिन इन्हें खाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। जैसेकि-
- बीन्स को 8-10 घंटे पानी में भिगोकर पकाना चाहिए। इससे उनमें मौजूद गैस बनाने वाले तत्व (फाइटेट्स और लेक्टिन) कम हो जाते हैं और पचाना आसान होता है।
- बीन्स को अधपका न खाएं। अच्छी तरह उबालने से एंटी-न्यूट्रिएंट्स नष्ट होते हैं और स्वाद भी बेहतर होता है।
- बहुत ज्यादा बीन्स खाने से गैस, पेट फूलना और अपच हो सकता है। इसलिए शुरुआत में थोड़ी मात्रा से शुरू करें।
- बीन्स में फाइबर अधिक होता है, इसलिए इन्हें खाने के बाद पर्याप्त पानी पीना जरूरी है ताकि पाचन ठीक से हो।
- जिन्हें किडनी की समस्या है या पाचन संबंधी दिक्कत है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही बीन्स डाइट में शामिल करनी चाहिए।
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