एंड्रोमेडा हमारी अपनी गैलेक्सी , यानी मिल्की वे की सबसे नजदीकी बड़ी पड़ोसी है. यह धरती से करीब 25 लाख प्रकाश वर्ष दूर है. इतना कहने पर यह दूरी बहुत लग सकती है, लेकिन खगोल विज्ञान में यह हमारी “पड़ोसी गैलेक्सी” ही मानी जाती है.
कितनी बड़ी है एंड्रोमेडा?
एंड्रोमेडा का आकार इतना विशाल है कि यह करीब 2.6 लाख प्रकाश वर्ष तक फैली हुई है. इसमें एक ट्रिलियन से ज़्यादा तारे हैं, यानी हमारी मिल्की वे से भी ज्यादा. इसके बीचोंबीच एक विशाल ब्लैक होल है, जिसके चारों ओर अरबों तारे चक्कर काट रहे हैं.
इस गैलेक्सी के केंद्र से हल्की लाल रोशनी निकलती है, जो पुराने तारों की वजह से होती है. अगर आप इसे नंगी आंखों से देखेंगे, तो यह एक हल्की, धुंधली-सी सफेद रोशनी जैसी दिखेगी, जैसे आसमान में किसी ने दूध का छींटा मार दिया हो.
4.5 अरब साल बाद क्या होगा?
वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 4.5 अरब सालों में एंड्रोमेडा और हमारी मिल्की वे आपस में टकरा जाएंगी. टकराने के बाद दोनों मिलकर एक नई विशाल गैलेक्सी बनाएंगी, जो एक दीर्घाकार (elliptical) आकार की होगी.
डरने की जरूरत नहीं– यह घटना इंसानों के नहीं, बल्कि ब्रह्मांड के समय के हिसाब से बहुत दूर भविष्य में होगी. लेकिन यह सोचकर ही हैरानी होती है कि कभी हमारी और एंड्रोमेडा की तारे एक-दूसरे में घुलमिल जाएंगे.
आसमान में एंड्रोमेडा कैसे खोजें?
अगर आप इसे देखना चाहते हैं, तो देर रात पूर्व दिशा में नजर डालिए. यह गैलेक्सी शाम के बाद उगती है और आधी रात के करीब आसमान के बीचोंबीच यानी सिर के ऊपर पहुंच जाती है. सुबह होते-होते यह उत्तर-पश्चिम दिशा की तरफ चली जाती है.
एंड्रोमेडा को ढूंढने का सबसे आसान तरीका है कैसिओपिया नक्षत्र (Cassiopeia) को देखना. यह नक्षत्र “W” के आकार का दिखता है. इस “W” के बाएं तरफ के तीन तारे एंड्रोमेडा की दिशा बताते हैं. अगर आप शहर की रोशनी से दूर किसी जगह हैं, तो यह गैलेक्सी आपकी आंखों को एक हल्का धुंधला धब्बा लगेगी. दूरबीन या बाइनॉक्यूलर से देखने पर आप इसका चमकता हुआ केंद्र और इसके घुमावदार हाथ साफ़ देख पाएंगे.
मोबाइल से भी ली जा सकती है एंड्रोमेडा की तस्वीर
आजकल कई लोग अपने स्मार्टफोन से एस्ट्रोफोटोग्राफी करते हैं. अगर आपके पास एक छोटा टेलिस्कोप है, तो आप अपने फोन को उसके लेंस से जोड़कर एंड्रोमेडा की शानदार तस्वीर खींच सकते हैं.
इस वजह से एंड्रोमेडा अब सिर्फ खगोलशास्त्रियों के लिए नहीं रही. यह आम लोगों के लिए भी एक आसानी से दिखने वाला खगोलीय चमत्कार बन गई है.
आखिर क्यों खास है ये नज़ारा?
एंड्रोमेडा सिर्फ एक गैलेक्सी नहीं, बल्कि हमारे अतीत की झलक है. जो रोशनी आज हम देख रहे हैं, वो दरअसल 25 लाख साल पुरानी है. यानी हम उसे वैसा देख रहे हैं, जैसी वो तब थी जब इंसान धरती पर शायद अस्तित्व में भी नहीं थे.
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