जिले के आरोन थाना इलाके के भूपमढ़ी गांव में डकैती के प्रयास में जेल में बंद आरोपी की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। आरोपी उसी गांव का रहने वाला था और उसने ही डकैती में मिलने वाले माल को आधा आधा बांटने की शर्त पर बदमाशों को डकैती डलवाने बुलवाया था। हालांकि, मकान मालिक के जाग जाने पर बदमाश भाग खड़े हुए थे। एक बदमाश को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था।
बता दें कि घटना 4- 5 जनवरी की रात की है। महावीर सिंह पुत्र पहलवान सिंह रघुवंशी उम्र 37 साल निवासी ग्राम भूतमढ़ी ने पुलिस को बताया था कि रात में करीब 12 बजे वह अपने खेत से घर पर आकर कमरे लेटकर मोबाइल चलाने लगा था और मोबाइल चलाते उसकी नींद लग गई थी। रात करीबन ढाई बजे उसके कमरे के गेट तरफ से खट खट की आवाज आई। तब उसने उठकर देखा तो गेट एवं चौखट की बीच में उसे सब्बल निकलता हुआ दिखाई दिया।
तब उसने आवाज लगाई कौन ह, तो बाहर से बदमाशों ने उसे गाली देकर कहा कि दरवाजा खोल। इतने में चिल्लाचोंट की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में सो रही उसकी भाभी प्रभा रघवशी और बड़े भाई नरेन्द्र सिंह रघुवंशी निकलकर आंगन में आ गये। उनको आंगन में रहे बदमाशों ने पकड़ लिया। उसने कमरे के अंदर से कांच वाले जंगले से देखा तो आंगन में करीबन 7-8 बदमाश खडे दिखाई दिये, जो मुंह पर कपड़ा बांधे थे।
उनमें से एक बदमाश उसके भाई नरेन्द्र की कनपटी पर कट्टा अडाकर कह रहा था कि बगल वाले कमरे में सो रहे तुम्हारी भाई का दरवाजा खुलवाओ। उसके कमरे में कितना माल रखा है। तब उसने पडोस वाले जितेन्द्र को फोन कर बताया कि उनके घर में बदमाश घुस आये हैं, गांव वालों को इकट्ठा करो। उसने कांच वाले जंगले एक उसकी काले रंग की लाठी को बाहर की तरफ निकालकर कहा कि इनको छोड़ दो, नहीं तो गोली मार दूंगा। तभी गांव के कुछ लोग भी चिल्लाचोंट करने लगे तो वहां पर रहे सभी बदमाश नदी तरफ भाग गए।
खेतों तरफ तलाश करने पर सरसों के खेत में सुबह के समय छिपा हुआ एक व्यक्ति दिखाई दिया जिसे उसने, रविन्द्र और जितेन्द्र ने पकड लिया। नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम शेर सिंह पुत्र विकम पारदी निवासी खेजराचक थाना धरनावदा बताया। उसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
गिरफ्तार आरोपी शेर सिंह पारदी को न्यायालय से पुलिस रिमाण्ड लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसके अन्य अज्ञात साथियों और डकैती कराने वाले स्थानीय सूत्रधारों के नाम चिन्हित किए गए। इसके बाद पुलिस द्वारा प्रकरण में चिन्हित अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इसके लिए अपना मुखिबर तंत्र सक्रिय किया। इसी क्रम में डकैती कराने वाले स्थानीय सूत्रधार दिमान सिंह पुत्र स्व तोफान सिंह केवट उम्र 60 साल निवासी ग्राम भूपमढ़ी, वीरेंद्र उर्फ बीरन पुत्र नारायण सिंह यादव उम्र 53 साल निवासी ग्राम खिरिया कुसमान थाना आरोन, संजू पुत्र श्यामबाबू यादव उम्र 24 साल निवासी ग्राम खेजरा गुरूजी थाना धरनावदा और विरमाल उर्फ मंटू पुत्र अमर सिंह यादव उम्र 29 साल निवासी ग्राम मोतीपुरा चौकी थाना जैपला जिला बारां राजस्थान को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले में आरोपी दिमान सिंह केवट की ओर से जमानत याचिका कोर्ट में लगाई गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी ने पुरानी रंजिश में अपने ही गांव के व्यक्ति के घर डकैती डलवाने बदमाशों को बुलाया। वह मुख्य आरोपी है। यदि डकैती जैसी जघन्य घटना करने वाले आरोपियों को जमानत दी जाती है तो आरोपियों की हौंसले बुलंद होंगे और पीड़ित पक्ष, आम जन भी भावनाओं को ठेस पहुंचेगी। .