बेदर्द मौसम… गुलाबी होंठों की चुरा रहा रंगत! खूबसूरती भी हो रही तार-तार, जानिए डार्क लिप्स की वजह और बचाव

Cause of dark lips: यह सच है कि सर्दी का मौसम अपने साथ कई गंभीर परेशानियों को लेकर आती है. ड्राईनेस, रिंकल्स और पिगमेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ना इस मौसम में आम हैं. ठंड में और बेहद कॉमन समस्या होती है, जिसे लोग अक्सर मामूली समझकर अनदेखा कर जाते हैं. वो है होंठों में कालापन आना. हालांकि, ये कोई गंभीर मेडिकल कंडीशन नहीं है. लेकिन, गुलाबी होंठों का कालापन होना चेहरे की सुंदरता बिगाड़ने के लिए काफी है. डार्क लिप्स के पीछे कारण कई हो सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर सर्दियों में होंठ काले क्यों हो जाते हैं? इस परेशानी से कैसे करें बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

ठंड में होंठ काले होने के कारण

पोषक तत्वों की कमी: मेडिकल न्यूज टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर आपके होंठ गुलाबी से अचानक ही काले होने लगते हैं तो इसके पीछे डिहाइड्रेशन, विटामिन बी12, आयरन और मैग्नीशियम की कमी भी हो सकती है. शरीर में इन चीजों की कमी का सीधा असर होठों पर पड़ता है. होंठ काले होने लगते हैं. होंठों का कालापन शरीर में पानी की कमी का भी संकेत देता है.

सूर्य के संपर्क में आना: त्वचा को सूर्य के संपर्क में लाने से शरीर मेलानिन बनाता है, जो पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करता है. यह त्वचा को धूप से होने वाले कुछ नुकसान से बचाता है, लेकिन इससे त्वचा का रंग गहरा (टैन) भी हो जाता है. इसलिए होठों और शरीर के अन्य हिस्सों पर सन प्रोटेक्शन का उपयोग करना ज़रूरी है.

गलत प्रोडक्ट का यूज: होंठ काले के होने के पीछे कुछ लोगों बहुत ज्यादा स्मोकिंग करना, प्रदूषण, सस्ती लिपस्टिक का इस्तेमाल, खराब कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और एलर्जी भी हो सकती है. ये प्रोडक्ट आपके होंठों को गुलाबी से काला बना सकते हैं.

तंबाकू का सेवन: 2013 के एक अध्ययन के अनुसार, तंबाकू के धुएं में मौजूद निकोटीन और बेंज़पाइरीन त्वचा में मेलानिन के उत्पादन को बढ़ा सकते हैं, जिससे समय के साथ होठों का रंग धीरे-धीरे गहरा हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे स्मोकिंग मेलानोसिस कह सकते हैं. धूम्रपान के स्वास्थ्य पर कई अन्य नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं.

हार्मोनल बदलाव: हार्मोनल बदलाव के कारण भी होंठों का रंग काला हो सकता है. दरअसल, हमारे शरीर में जब हार्मोनल बदलाव होते हैं तो अधिक मेलेनिन का उत्पादन होता है. यह स्थिति प्रेग्नेंसी में अधिक देखी जाती है. यही कारण है कि, गर्भावस्था के दौरान अक्सर महिलाओं के होंठ सूखते हैं और डार्क भी पड़ जाते हैं.

एनीमिया: शरीर में खून की कमी से होने वाली बीमारी एनीमिया भी होंठों को पीला और शुष्क बना सकती है. इसके अलावा फंगल संक्रमण और दवाओं के अधिक सेवन से भी होंठ काले होने की आशंका बढ़ जाती है.

होंठों को काला होने से कैसे बचाएं

होंठों को मॉइस्चराइज रखने के लिए लिप बाम या पेट्रोलियम जेली का उपयोग करने से सूखापन और फटने से रोकने में मदद मिल सकती है. इसके अलावा, होठों को काला होने से बचाने के लिए धूप से होने वाले नुकसान से बचाना जरूरी है. इसपर एसपीएफ वाला लिप बाम या अच्छे क्वालिटी की लिपस्टिक का उपयोग किया जा सकता है.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *