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पंच नाम के इस छोटे से बेबी बंदर की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है. जन्म के तुरंत बाद जब उसकी मां ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया, तो वह अकेला रह गया. बाद में उसकी तस्वीरें सामने आईं, जिसमें वह एक सॉफ्ट टॉय को कसकर पकड़े बैठा था, मानो उसी में उसे मां का साया मिल गया हो.
जापान के एक ज़ू में जन्मे छोटे से बेबी बंदर पंच की कहानी ने इंटरनेट पर सभी को इमोशनल कर दिया है. जन्म के तुरंत बाद उसकी मां ने उसे अपनाने से मना कर दिया और वह अकेला रह गया. बाद में जब उसकी तस्वीरें सामने आईं, तो सोशल मीडिया पर लोग इमोशनल होने लगे. जिसमें वह एक सॉफ्ट टॉय को गले लगाकर बैठा था. लेकिन सवाल यही है कि आखिर मां ने ऐसा क्यों किया…
एक्सपर्ट्स के मुताबिक जानवरों में भी कई बार मां अपने बच्चे को तुरंत स्वीकार नहीं करती. इसकी वजह स्ट्रेस, पहली बार मां बनना या डिलीवरी के बाद कन्फ्यूजन हो सकता है. अगर मां को लगता है कि बच्चा कमजोर है या वह खुद असहज महसूस कर रही है, तो वह दूरी बना सकती है. यह बिहेवियर इंसानों को कठोर लग सकता है, लेकिन वाइल्ड लाइफ में ऐसा कभी-कभी देखने को मिलता है.
खिलौना बना सहारा
जब पंच को मां का साथ नहीं मिला, तो ज़ू स्टाफ ने उसकी देखभाल शुरू की. उसे बोतल से दूध पिलाया गया और पास में सॉफ्ट टॉय रखा गया. हैरानी की बात यह रही कि पंच उस खिलौने से ऐसे चिपक गया जैसे वह उसकी नई मां हो. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि छोटे जानवरों को इमोशनल सिक्योरिटी की जरूरत होती है, और अगर असली मां नहीं हो तो वे किसी चीज से भी अटैचमेंट बना लेते हैं.
क्या अब पंच अकेला रहेगा?
शुरुआत में दूसरे बंदरों ने भी उसे आसानी से स्वीकार नहीं किया. लेकिन धीरे-धीरे उसे ग्रुप के साथ मिलाने की कोशिश की जा रही है. उम्मीद है कि समय के साथ वह सोशल बिहेवियर सीख जाएगा और अपने झुंड का हिस्सा बन पाएगा. पंच की कहानी हमें यह सिखाती है कि जानवर भी इमोशन महसूस करते हैं और उन्हें भी प्यार और सुरक्षा की जरूरत होती है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें
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