भिंड में शुक्रवार को न्यायपालिका ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक मिसाल कायम की। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी डॉ. मनोज कुमार गोयल ने अदालत की औपचारिकताओं से परे जाकर 90 वर्षीय महिला की सहमति दर्ज की और तीन साल से लंबित विवाद का निपटारा किया।
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मामला वर्ष 2022 का है, जब ग्राम नावली हार में सात लोगों पर चार व्यक्तियों से मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा था। करीब 16 पेशियों से मामला लंबित था और उस दिन अभियोजन साक्ष्य के लिए सुनवाई तय थी। पीड़ितों में शामिल एक बुजुर्ग महिला पैरालिसिस से पीड़ित हैं। उम्र और बीमारी के कारण वे अदालत के द्वितीय तल तक नहीं पहुंच सकीं। अधिवक्ता दिनेश सिंह भदौरिया ने निवेदन किया कि उनकी सहमति नीचे जाकर दर्ज की जाए।
साथ में बेटा भी मौजूद रहा न्यायाधीश ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रथम तल पर जाकर महिला की राय ली। उन्होंने संकेतों के माध्यम से अभियुक्तों से समझौते की स्वीकृति दी। इस दौरान उनका बेटा राजेश भी मौजूद रहा, जो स्वयं भी प्रकरण में पीड़ित है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि समझौता पूरी तरह स्वेच्छा से हुआ है और इस पर कोई दबाव नहीं था।
कार्यवाही में जिला अभिभाषक संघ भिण्ड के अध्यक्ष विनीत मिश्रा, सचिव हिमांशु शर्मा और दोनों पक्षों के अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने अदालत की इस पहल को सराहनीय बताया। अंततः आपसी सहमति से विवाद समाप्त हो गया और वर्षों से लंबित प्रकरण का समाधान निकल सका।
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