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Bharatpur Traditional Amla Murabba Recipe: भरतपुर जिले के भुसावर में बनने वाला पारंपरिक आंवले का मुरब्बा अपने स्वाद, शुद्धता और घरेलू विधि के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है. बिना किसी रासायनिक तत्व के बनाए जाने वाला यह मुरब्बा न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी अत्यंत फायदेमंद माना जाता है. पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा ने भुसावर को पूरे राजस्थान में एक पहचान दी है.
भरतपुर. राजस्थान के भरतपुर जिला अंतर्गत भुसावर क्षेत्र में तैयार होने वाला आंवले का मुरब्बा अपनी शुद्धता स्वाद और परंपरागत विधि के लिए दूर-दूर तक मशहूर है. यह मुरब्बा न केवल स्वाद में लाजवाब होता है बल्कि अपनी प्राकृतिक विधि और औषधीय गुणों के कारण लोगों की पहली पसंद बन चुका है. भुसावर में यह मुरब्बा पिछले कई दशकों से पारंपरिक तरीके से तैयार किया जा रहा है और अब यह पूरे भरतपुर जिले की पहचान बन गया है.
सेहत के लिए भी फायदेमंद है आंवले का मुरब्बा
भुसावर का यह मुरब्बा सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार आवला विटामिन-सी से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. इसके सेवन से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है. त्वचा में निखार आता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है. स्थानीय लोग बताते हैं कि नियमित रूप से थोड़ा-सा आंवला मुरब्बा खाने से सर्दी-जुकाम और पेट की समस्याओं में भी राहत मिलती है.
पूर्वजों से विरासत में मिली है मुरब्बा बनाने की कला
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें
दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट… और पढ़ें
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