बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरनाक कड़कड़ाती ठंड, ये उपाय करेगी रक्षा, सांस लेने में नहीं होगी दिक्कत

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Chitrakoot News: सर्दी का मौसम बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. कई बार मामूली सर्दी भी गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है और समय रहते ध्यान न दिया जाए तो हालात बिगड़ सकते हैं. घर में हमेशा एक इनहेलर जरूर रखें.

चित्रकूट: सर्दी का मौसम आते ही जहां लोग गर्म कपड़ों, अलाव और चाय की चुस्कियों में सुकून तलाशते हैं, वहीं यह मौसम बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए कई बार खतरनाक भी साबित हो जाता है. खासकर उन परिवारों में जहां पहले से सांस, दिल या ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे बुजुर्ग मौजूद हैं, वहां ठंड के दिनों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत होती है. कई बार मामूली सर्दी भी गंभीर बीमारी का रूप ले लेती है और समय रहते ध्यान न दिया जाए तो हालात बिगड़ सकते हैं.

ठंड में बढ़ जाता है ये खतरा

इस संबंध में चित्रकूट जिला चिकित्सालय में तैनात डॉक्टर ऋषि कुमार ने लोकल 18 को बताया कि ठंड के मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. ऐसे में बच्चे और बुजुर्ग जल्दी बीमार पड़ जाते हैं. खासकर बुजुर्गों को ठंड के समय सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और अचानक ब्लड प्रेशर बढ़ने जैसी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं. डॉक्टर के अनुसार, बुजुर्गों को सर्दियों में बहुत ज्यादा सुबह उठने से बचना चाहिए. ठंड के समय सुबह-सुबह शरीर का तापमान काफी कम होता है, जिससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. उन्होंने सलाह दी कि बुजुर्ग धूप निकलने के बाद ही बिस्तर से उठें और बाहर निकलते समय सिर, कान और छाती को अच्छी तरह ढककर रखें.

घर में रखें इनहेलर

सांस के मरीजों के लिए ठंड का मौसम सबसे ज्यादा परेशानी लेकर आता है. डॉक्टर ने बताया कि ठंडी हवा फेफड़ों पर सीधा असर डालती है, जिससे अस्थमा और सांस की पुरानी बीमारी वाले मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे मरीज ठंडी चीजों से परहेज करें और सुबह-शाम खासतौर पर सावधानी बरतें, घर से बाहर निकलते समय मुंह और नाक को कपड़े से ढकना फायदेमंद रहता है. उनका कहना है कि हर घर में एक इनहेलर जरूर होना चाहिए. खासकर अगर परिवार में किसी को सांस की समस्या है. जरूरत पड़ने पर तुरंत इनहेलर देने से मरीज की हालत संभाली जा सकती है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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बुजुर्गों और बच्चों के लिए खतरनाक कड़कड़ाती ठंड, ये उपाय करेगी रक्षा

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

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