ऑनलाइन बिक रहा है पूरा का पूरा शहर, कीमत लगी 52 करोड़ रुपये, साथ में बिकेंगे 5 नागरिक भी?

Agency:एजेंसियां

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Whole Town Put Up For Sale: आपने मकान-दुकान को तो बिकते देखा होगा, लेकिन शायद ही कभी पूरे शहर को ऑनलाइन सेल पर जाते हुए देखा हो. कुछ ऐसा ही हो रहा है ऑस्ट्रेलिया में, जहां एक कस्बे को नीलामी के लिए रख दिया गया और उसके नागरिकों को पता तक नहीं था.

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ऑस्ट्रलियाई शहर ऑनलाइन सेल पर है.

Entire Town On Sale: ऑस्ट्रेलिया के एक छोटे और अनोखे कस्बे को लेकर चिंता बढ़ गई है. विक्टोरिया प्रांत के लिकोला शहर को करीब 50 लाख पाउंड यानि लगभग 52 करोड़ रुपये में बिक्री के लिए रखा गया है. इस कस्बे में सिर्फ पांच लोग रहते हैं और अब इसके भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं. दिलचस्प ये भी है कि उन्हें पता ही नहीं था कि वो जिस जगह पर रहते हैं, उसे बेचा जा रहा है.

लिकोला, मेलबर्न से करीब 250 किलोमीटर पूर्व में विक्टोरियन हाई कंट्री इलाके में स्थित है. यह एक दूरदराज बस्ती है, जहां एक जनरल स्टोर, पेट्रोल पंप, कारवां पार्क और कई पुराने लकड़ी के भवन मौजूद हैं. पूरा कस्बा लगभग 42 एकड़ में फैला हुआ है. लंबे समय से इसके मालिक रहे संगठनों का कहना है कि अब इसे चलाना आर्थिक रूप से संभव नहीं रह गया है, इसलिए इसे चुपचाप ऑनलाइन बिक्री के लिए लिस्ट कर दिया गया है.

क्या इतिहास बन जाएगा लिकोला?

पिछले 50 से ज्यादा वर्षों से यह कस्बा विक्टोरिया और सदर्न न्यू साउथ वेल्स के लायंस क्लब्स के जरिये चल रहा था. 1960 के दशक में इसे एक पुराने लकड़ी मिल स्थल से बदलकर एक वाइल्डरनेस गांव बनाया गया था, जहां जरूरतमंद बच्चों, युवाओं और विशेष जरूरतों वाले समूहों के लिए कैंप आयोजित किए जाते थे. लिकोला, मैकएलिस्टर नदी के किनारे बसा है और अल्पाइन नेशनल पार्क जाने वाले यात्रियों के लिए एक अहम पड़ाव रहा है. यहां पेट्रोल-डीजल, भोजन और ठहरने की सुविधा मिलती थी. खास बात यह है कि लिकोला विक्टोरिया का इकलौता कस्बा है जो राज्य के बिजली ग्रिड से जुड़ा नहीं है. यह अपनी बिजली सोलर माइक्रोग्रिड से बनाता है, खुद पानी शुद्ध करता है और कचरे का प्रबंधन भी खुद करता है.

अपना कस्बा बचाने में जुटे लोग

कस्बे की बिक्री से यहां रहने वाले लोग परेशान हैं. जनरल स्टोर चलाने वाली लीन ओ डोनेल ने बताया कि उन्हें बिक्री की जानकारी ऑनलाइन लिस्टिंग से मिली. उनका लीज नवीनीकरण नहीं किया गया और अब उन्हें कस्बा छोड़ने को कहा गया है. उन्होंने कहा कि अगर यह जगह किसी प्राइवेट डेवलपर के हाथ चली गई, तो इसकी असली पहचान खत्म हो जाएगी. इस बीच ने कस्बे को बचाने के लिए क्राउडफंडिंग अभियान शुरू किया गया है ताकि पूरा कस्बा खरीदा जा सके. एक ऑनलाइन याचिका पर 8,000 से ज्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं.

हालांकि, लायंस क्लब बोर्ड का कहना है कि बढ़ती लागत, बीमा का दबाव, पुराने ढांचे और कैंपों में घटती भागीदारी के कारण यह फैसला लेना पड़ा. बोर्ड का कहना है कि बिक्री से मिलने वाली राशि से जरूरतमंद बच्चों के लिए नए कैंप चलाए जाएंगे. फिलहाल, लिकोला के समर्थकों को डर है कि यह अनोखा, आत्मनिर्भर कस्बा कहीं इतिहास न बन जाए.

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Prateeti Pandey

News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें

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ऑनलाइन बिक रहा है पूरा का पूरा शहर, कीमत लगी 52 करोड़ रुपये, बिकेंगे नागरिक भी

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