रसोई से शुरू हुआ सपना बना बड़ा कारोबार! कंचन कंवर की मेहनत ने दिलाई पहचान

Last Updated:

Sikar News Hindi: कंचन कंवर की सफलता की कहानी प्रेरणा से भरपूर है. उन्होंने अपने सफर की शुरुआत घर की रसोई से छोटे स्तर पर काम करते हुए की थी, लेकिन आज उनका काम बाजार तक पहुंच चुका है. कड़ी मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने अपने बिजनेस को एक नई पहचान दी है. कंचन कंवर न केवल खुद आत्मनिर्भर बनीं, बल्कि आज दर्जनों लोगों को रोजगार भी दे रही हैं. उनके साथ काम करने वाले कई परिवारों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर हुई है.

ख़बरें फटाफट

Success Story: आज के समय में हर कोई अपनी अलग पहचान बनाने में लगा हुआ है. ऐसे में अब वह महिलाएं आगे आ रही है जिन्हें कभी सिर्फ काम घरेलू काम में ही रखा जाता था इन महिलाओं ने इसी घरेलू काम को अपनी ताकत बनाकर बाजार में पहुंचा दिया है. आज हम एक ऐसी ही कहानी बताने जा रहे हैं जो कभी हाउसवाइफ हुआ करती थी उन्होंने अपने हाथों से बने उत्पाद को बाजार में लाकर एक पहचान बना दी है. यह एक प्रेरणादायक कहानी सीकर जिले के अर्बन ग्राउंड में लगे मेले में देखने को मिली है. यह कहानी है कंचन कंवर नाम की महिला की. जिन्होंने अपने हाथों से बने उत्पादों से लोगों की आवश्यकता को‌ पूरा कर रही है. और यह साबित किया कि मेहनत और लगन से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.

कंचन कंवर ने बताया कि वे सालासर के पास स्थित झूलियासर गांव की रहने वाली हैं. उन्होंने अपने छोटे से गांव से निकलकर अपनी पहचान बनाई है. खास बात यह है कि उनके सभी उत्पाद घर पर तैयार किए जाते हैं और पूरी तरह केमिकल फ्री होते हैं. यही वजह है कि लोग उनके उत्पादों को काफी पसंद करते हैं और बार-बार खरीदना चाहते हैं.

मंगोड़ी बनाकर बनाई अपनी अलग पहचान
उनके द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों में सबसे ज्यादा प्रसिद्ध मंगोड़ी है. उनकी मंगोड़ी का स्वाद इतना लाजवाब होता है कि लोग इसे खास तौर पर खरीदने आते हैं. इसकी डिमांड इतनी ज्यादा है कि ग्राहक दूर-दूर से ऑर्डर भी करते हैं. कंचन कंवर की मंगोड़ी की खासियत यह है कि यह पूरी तरह शुद्ध और पारंपरिक तरीके से बनाई जाती है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है.

स्वयं सहायता समूह बनाकर कर व्यवसाय कि करी शुरुआत
अगर इरादा मजबूत हो तो कोई भी महिला अपने सपनों को साकार कर सकती है. उन्होंने घर के काम को ही अपना व्यवसाय बनाकर एक नई पहचान बनाई है. उनका यह सफर न केवल प्रेरणादायक है, बल्कि यह भी दिखाता है कि छोटे स्तर से शुरू किया गया काम भी बड़ी सफलता दिला सकता है. कंचन कंवर ने बताया कि उन्होंने अपने काम की शुरुआत स्वयं सहायता समूह बनाकर की थी. शुरुआत में यह एक छोटा प्रयास था, लेकिन धीरे-धीरे यह काम बढ़ता गया. आज उनके साथ करीब 10 महिलाएं जुड़ चुकी हैं और सभी मिलकर इस काम को आगे बढ़ा रही हैं. इस समूह के माध्यम से न सिर्फ उन्हें रोजगार मिला है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला है.

उनका काम सिर्फ मंगोड़ी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे ऑर्गेनिक दाल और पापड़ भी तैयार करती हैं. खास बात यह है कि पापड़ बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मूंग दाल वे अपने ही खेतों में उगाती हैं. इससे उनके उत्पाद पूरी तरह शुद्ध और मिलावट रहित रहते हैं. यही वजह है कि उनके बनाए पापड़ और दाल का स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है.

महिलाओं को भी आगे बढ़ाने में मदद
कंचन कंवर ने बताया कि वह पहले एक गृहिणी थीं, लेकिन उन्होंने अपने जीवन में कुछ अलग करने की ठानी. उन्होंने पापड़ बनाने की ट्रेनिंग ली और अपने हुनर को निखारा. इसके बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूह बनाकर अपने काम को आगे बढ़ाया. आज वे न सिर्फ खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ाने में मदद कर रही है.

About the Author

Jagriti Dubey

With more than 6 years above of experience in Digital Media Journalism. Currently I am working as a Content Editor at News 18 in Rajasthan Team. Here, I am covering lifestyle, health, beauty, fashion, religion…और पढ़ें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *